प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तेलंगाना में आयोजित एक समारोह से सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना की वर्चुअल रूप से आधारशिला रखी।हिमाचल के शिमला और मंडी जिला की सीमा पर सतलुज नदी पर प्रस्तावित 382 मेगावाट की सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना को मोदी कैबिनेट ने जनवरी 2023 में मंजूरी दी थी।आर्थिक मामलों संबंधी कैबिनेट समिति ने परियोजना के लिए 2,614 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी थी।परियोजना के निर्माण का काम सतलुज जल विद्युत निगम को सौंपा गया है।परियोजना में प्रतिवर्ष 1,382 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होगा।परियोजना निर्माण के दौरान प्रदेश के 4,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।परियोजना प्रभावित परिवारों को दस साल तक प्रति माह 100 यूनिट निशुल्क बिजली मिलेगी।पांच साल में परियोजना का काम पूरा होगा। अगले 40 वर्षों तक हिमाचल सरकार को 2,803 करोड़ रुपये की निशुल्क बिजली सप्लाई होगी।इस रन ऑफ रिवर परियोजना में 71 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध और इसके सतही पावर हाउस में छह उत्पादन इकाइयां होंगी। उत्पादित विद्युत का लेवलाइज्ड टैरिफ 3.90 रुपये प्रति यूनिट होगा।परियोजना को 70:30 के ऋण इक्विटी अनुपात पर वित्तपोषित किया जा रहा है।परियोजना पूरी होने पर एसजेवीएन इक्विटी पर 16.50 फीसदी का रिटर्न अर्जित करेगी।मोदी ने 15 मेगावाट नंगल फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना की आधारशिला भी रखी।इस अवसर पर तेलंगाना में एसजेवीएन की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गीता कपूर,और निदेशक वित्त अखिलेश्वर सिंह भी मौजूद रहे।

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