
Himachal Pardesh से राज्यसभा की एक सीट के लिए आज विधानसभा परिसर में हुए चुनाव का नतीजा घोषित हो गया है।सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी को हराकर भाजपा के हर्ष महाजन ने राज्यसभा चुनाव जीत कर कांग्रेस को करारा झटका दिया है,दोनों दलों के प्रत्याशियों को 34-34 वोट मिले थे।इसके बाद पर्ची से फैसला हुआ जिसमें भाजपा ने बाजी मारी।कांग्रेस विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा जीत के करीब पहुंची।ऐसी चर्चाएं हैं कि कांग्रेस के छह व तीन निर्दलीय विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है।जानकारी के मुताबिक इन सभी विधायकों को हरियाणा नंबर की गाड़ी में चंडीगढ़ ले जाया गया है।

हालांकि चुनावी नतीजे भले की सबको चकित करने वाले रहे हों लेकिन अब राजनीति का स्तर जिस तरह गिरता जा रहा है,सत्ता सुख के लिए दल बदल राजनेताओं के लिए आम बात हो चुकी है राजनिति की ये नई परम्परा ना तो देश और ना ही देशवासियों के लिए सही साबित होगी,आए दिन राजनिति में कई ऐसे किस्से सामने आ रहे हैं जिसमें वर्षों तक किसी एक पार्टी के चुनावी चिन्ह पर चुनाव जीतने और वर्षों तक सत्ता सुख भोगने के बाद,अपने हित के लिए उसी पार्टी से त्याग पत्र देकर दुसरी पार्टी में शामिल होना राजनेताओं के लिए साधारण सी बात हो चुकी है,हमारा आशय हिमाचल की राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव से नहीं है लेकिन कांग्रेस पार्टी के सत्ता में होने के बाबजूद भी जिस तरह यंहा क्रॉस वोटिंग हुई है उससे कहीं ना कहीं चुने हुए प्रतिनिधियों की पार्टी के प्रति निष्ठा और पार्टी की विचारधारा से लगाव को लेकर प्रश्न चिह्न लगना लाजिमी है।
