
Shimla :संत निरकारी मिशन की शिमला ब्रांच द्वारा बैम्लोई स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन मेें क्षेत्रीय संचालक महात्मा नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में क्षमा याचना दिवस मनाया गया।सेवा दल के भाई बहनों ने खाकी नीली वर्दी पहन कर हाथ जोडकर तथा लाइनों में खडे होकर सदगुरू से क्षमा याचना की।इस दौरान प्रत्येक सेवादार के मन मे यही भाव था कि पूरे वर्ष मन,बचन,कर्म से सेवा करते हुए जाने अनजाने जो भी भूलें,गलतियां हुई है सदगुरू माता सुदिक्षा जी महाराज उन्हें क्षमा करना तथा आने वाले नये वर्ष उन्हेेे हमेशा निष्काम भाव से मानवता की सेवा करने का जज्वा, बल और योग्यता बख्शना,इन्हीं भावों से ओतप्रोत मिशन का प्रसि़द्ध भजन क्षमा याचना की सभी सेवादारों द्वारा प्रस्तुति देकर सतगुरु से क्षमा याचना की गई।क्षेत्रीय संचालक महात्मा नरेंद्र कश्यप ने क्षमा याचना दिवस सत्संग की अध्यक्षता करते हुए फ़रमाया कि जिस प्रकार सत्संग और सुमिरण भक्ति का पहलू है,उसी प्रकार सेवा भी भक्ति का महत्पूर्ण अंग है।सेवादार अपनी पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी मानव सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।प्रत्येक मानव में परमात्मा के नूर को देखते है और बिना किसी भेदभाव के सेवाएं अर्पित करते हैं।इस अवसर पर महात्मा अश्वनी वर्मा ने बताया कि सेवादल को जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाती है,उस सेवा को वह खुशी-खुशी निभाते चले जाते हैं चाहे वह रक्तदान हो,सफाई अभियान हो या फिर सत्संग की सेवाएं हो,हर जगह सेवा दार समर्पित भाव से सेवा हेतु तत्पर रहते हैं।
