Shimla नगर निगम में कांग्रेस की एकतरफा जीत हुई है। 34 वार्डों में से कांग्रेस ने 24 वार्डों में जीत हासिल कर टाऊन हाल पर कब्जा कर लिया है।कांग्रेस निगम की सत्ता से पिछले एक दशक से बाहर है,लेकिन अब कांग्रेस ने प्रचंड जीत के साथ वापसी की है,जबकि भाजपा केवल 9 सीटों पर ही सिमट गई है।इसमें से 7 सीटों पर भाजपा की महिला पार्षद जीत कर आई हैं।वहीं माकपा केवल वामपंथियों का गढ़ समरहिल वार्ड को बचाने में ही कामयाब हुई है।जबकि आम आदमी पार्टी पहली बार शिमला नगर निगम चुनाव में उतरी थी।आप ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे,जो अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए हैं।वहीं नगर निगम चुनाव में 9 निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे।इनमें से कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार जीत नहीं पाया।

“दो पूर्व मेयर हारे चुनाव”
नगर निगम के इस चुनाव में 2 पूर्व मेयर भी चुनाव हार गए हैं।संजौली से सत्या कौंडल और कृष्णानगर से पूर्व मेयर रहे सोहन लाल भी चुनाव हार गए हैं,जबकि कांग्रेस और भाजपा के कई सिटिंग पार्षद भी चुनाव हारे हैं।कांग्रेस की ओर से 8 पूर्व पार्षद जीत कर निगम सदन में पहुंचे हैं,जबकि भाजपा की ओर से 3 सिटिंग पार्षद दोबारा जीत कर नगर निगम सदन में पहुंचे हैं। “मंत्रियों की परफॉर्मैंस भी रही बेहतर,शिमला ग्रामीण हलके से 4 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा।”
अपने चुनावी हलकों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए गए शिमला शहर के तीनों विधायक और मंत्रियों की परफॉर्मैंस में भी सुधार हुआ है।शिमला ग्रामीण से नगर निगम में 4 वार्ड आते हैंं।ग्रामीण से विक्रमादित्य सिंह मंत्री व विधायक हैं। इन्होंने अपने सभी चारों वार्डों में जीत हासिल करवाई है। चारों सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल कर कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत दिलाया है।चुनाव के दौरान सरकार ने अपने सभी मंत्रियों को फील्ड में उतारा था।इस दौरान यह भी देखा जाना था कि किस वार्ड से मंत्री और विधायक कांग्रेस को कितनी सीटें जिताने में कामयाब होते हैं। ग्रामीण से कांग्रेस को टुटू, मज्याठ,बालूगंज और कच्चीघाटी वार्डों में जीत मिली है।
