पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला वासियों को रोपवे प्रोजेक्ट में एक और कदम बढ़ने पर बधाई दी है।भारद्वाज ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय में इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार कर केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी थी।उन्होंने सरकार से जल्द डीपीआर बनाने का आग्रह किया जिस से यह प्रोजेक्ट समय से धरातल पर उतर सके। शिमला से ज़ारी एक बयान में भारद्वाज ने कहा कि पिछले वर्ष सितम्बर में केंद्र से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है।इस परियोजना कि खास बात यह रहेगी कि शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने में समय की भी बचत होगी और कम किराए में आवाजाही हो सकेगी।परियोजना के हिसाब से 10 किलोमीटर तक (रोपवे के हिसाब से दूरी) के सफर के लिए 50 रूपये किराया देना होगा।उन्होंने कहा कि सही मायने में यह परियोजना जनता के लिए लाभकारी सिद्ध होगी क्योंकि इससे समय की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय में शिमला शहर में अभूतपूर्व काम हुए हैं जिसके परिणाम धीरे धीरे सामने आ रहा है।चाहे पार्किंग की बात हो या पैदल चलने के रास्ते,स्मार्ट सिटी मिशन में बहुत से जनहित के काम हुए हैं। भारद्वाज ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि अब रोपवे परियोजना की डीपीआर जल्द बना दी जाए जिस से प्रोजेक्ट जल्दी से जल्दी धरातल पर उतारा जा सके।उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का धन्यवाद भी किया।भारद्वाज ने कहा कि इस परियोजना में 14.69 किलोमीटर की नेटवर्क लंबाई के साथ 15 बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग स्टेशन होंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना गाड़ियों पर निर्भरता को काफी हद तक कम करेगी और ट्रैफिक जाम व पर्यावरण को होने वाले नुकसान और समय की बर्बादी जैसी समस्याओं का भी समाधान होगा।सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला में शहरी परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए यह एकमात्र व्यवहारिक समाधान है क्योंकि भौगोलिक और भू-तकनीकी सीमाओं के कारण बी.आर.टी.एस,मोनोरेल,मैट्रो का निर्माण यहां नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के लिए 5 वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

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