
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार को चौतरफा घेरते हुए इसे शुल्क की सरकार करार दिया है।प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा होटलों के संचालन सहमति शुल्क के ढांचे में भारी बढ़ोतरी का विरोध करते हुए जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार का गवर्नेंस मॉडल ही जनता और कारोबारियों पर बेहिसाब शुल्क लगाना बन चुका है।उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि टॉयलेट टैक्स जैसे बेतुके फैसले में हुई किरकिरी के बाद कभी पर्यटकों की गाडय़िों पर टैक्स लगाया जाता है,तो कभी स्कूल-कॉलेज की फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी की जाती है।अब हिमाचल प्रदेश में होटल कारोबार करने वाले कारोबारी इनके निशाने पर आ गए हैं,जिनसे 150 गुणा अधिक फीस बसूली जा रही है,जिससे अब इनका कारोबार करना और अधिक महंगा हो गया है।प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होटलों के संचालन सहमति शुल्क के ढांचे में भारी बदलाव किया है,जिसके तहत छोटे होटलों के शुल्क में 150 फीसदी तक की बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी गई है।इस नए फैसले के मुताबिक,10 से 13 कमरों वाले ग्रीन श्रेणी के छोटे होटल संचालकों को अब पांच साल के लिए 72 हजार रुपये के बजाय सीधे 1.80 लाख रुपये का भुगतान करना होगा,जिससे उन पर 1.08 लाख का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।इसके साथ ही,उनका वार्षिक शुल्क भी 14,400 से बढ़ाकर 36,000 कर दिया गया है।दूसरी ओर 20 से अधिक कमरों वाले ऑरेंज श्रेणी के होटलों पर भी इसका असर पड़ेगा,जिनका पांच साल का शुल्क बढक़र तीन से पांच लाख तक पहुँच सकता है।पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दोपहर बाद सराज विधान सभा क्षेत्र के ग्राम केंद्र शंकर देहरा के अंतर्गत सनोई एवं कांडीधार बूथ की संयुक्त बैठक में शामिल हुए।इस बैठक में संगठन के विस्तार,बूथ स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को सशक्त बनाने तथा आगामी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।उन्होंने चार नवंबर को मंडी में होने जा रही अराजकता हटाओ,लोकतंत्र बचाओ पद यात्रा को लेकर भी कार्यकर्ताओं से भाग लेने का आग्रह किया।
