घुमारवीं में राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह-2026 का भव्य आयोजन।चंबा से सिरमौर और लाहौल-स्पीति से किन्नौर तक 800 से अधिक शिक्षकों की सहभागिता,राज्यसभा सांसद प्रो.सिकंदर कुमार रहे मुख्य अतिथि।

भारत रत्न डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती एवं शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ,हिमाचल प्रदेश द्वारा घुमारवीं स्थित होटल में राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह-2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया।समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी योगदान देने वाले प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 55 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया,जबकि चंबा से सिरमौर और लाहौल-स्पीति से किन्नौर तक प्रदेश के कोने-कोने से 800 से अधिक शिक्षकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.(डॉ.)सिकंदर कुमार रहे।विशिष्ट अतिथि के रूप में चैतन्य स्कूल बिलासपुर की संस्थापिका स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष,एशिया पैसिफिक एडवाइजरी काउंसिल की चेयरपर्सन एवं स्पेशल ओलंपिक्स इंटरनेशनल एडवाइजरी कमेटी की बोर्ड सदस्य डॉ.मल्लिका नड्डा तथा भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री सिद्धार्थन उपस्थित रहे।समारोह की अध्यक्षता भाजपा हिमाचल प्रदेश शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पुरुषोत्तम शर्मा ने की।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा भारत रत्न डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 55 उत्कृष्ट शिक्षकों को शॉल,सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।शिक्षकों का चयन शिक्षण की गुणवत्ता,नवाचार,विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान तथा समाज के प्रति समर्पण जैसे मापदंडों के आधार पर किया गया।

अपने संबोधन में राज्यसभा सांसद प्रो.(डॉ.)सिकंदर कुमार ने शिक्षक दिवस की सार्थकता और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान नहीं करता,बल्कि उनके व्यक्तित्व,संस्कार और भविष्य का निर्माण भी करता है।उन्होंने प्रदेश के शिक्षकों से भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।विशिष्ट अतिथि डॉ.मल्लिका नड्डा ने समावेशी शिक्षा तथा दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण में शिक्षकों की संवेदनशील भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों की विशिष्ट क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाने चाहिए।संगठन महामंत्री सिद्धार्थन ने भी शिक्षक समुदाय से संवाद करते हुए संगठन और शिक्षकों के बीच सतत संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया।इस अवसर पर शिक्षक प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई,जिसमें प्रकोष्ठ के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों के साथ आगामी कार्ययोजना और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।समारोह में पद्मश्री हरिमन शर्मा,बिलासपुर जिला प्रभारी रोशन सूद,झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीत राम कटवाल,बिलासपुर सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल, पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग,संसदीय क्षेत्र विस्तारक अमित,भाजपा हिमाचल प्रदेश के समस्त प्रकोष्ठों के प्रदेश सह-संयोजक पुरुषोत्तम,बिलासपुर जिला सह-प्रभारी देशराज शर्मा,भाजपा जिला अध्यक्ष बिलासपुर कृष्ण चंदेल,हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ.सुरेश सोनी तथा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रो.रविंद्र सिंह ठाकुर सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी,शिक्षाविद एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले से उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान कर उन्हें एक राज्य स्तरीय मंच पर सम्मानित करने की यह महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने सभी अतिथियों,सम्मानित शिक्षकों और प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षक साथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में समाज और राष्ट्र के भविष्य का सम्मान है।भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ ने कहा कि यह आयोजन केवल शिक्षकों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा,बल्कि प्रदेश के शिक्षक समुदाय को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार मानने वाली सोच को भी मजबूती प्रदान करता है।सम्मानित शिक्षकों ने इस पहल के लिए शिक्षक प्रकोष्ठ का आभार व्यक्त करते हुए इसे पूरे शिक्षक समुदाय के लिए प्रेरणादायी बताया।
