राष्ट्र निर्माण में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण।

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने लोकभवन में वरिष्ठ नागरिकों के एक विशिष्ट समूह के साथ सार्थक संवाद किया।इस समूह में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी,शिक्षाविद,रक्षा सेवाओं के पूर्व सैनिक तथा सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे,जिन्होंने वर्षों की समर्पित सेवा के माध्यम से समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।संवाद के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया।उन्होंने विशेष रूप से आयुष्मान भारत,प्रधानमंत्री वय वंधन योजना,तथा वरिष्ठ नागरिक सेविंग स्कीम जैसी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन पहलों से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच,वित्तीय सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित हुआ है।राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना एक संवेदनशील और परिवर्तनकारी कदम है।उन्होंने कहा कि ये पहलें सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं,जिसके तहत प्रत्येक नागरिक, विशेषकर बुजुर्गों के कल्याण और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।श्री गुप्ता ने कहा,हमारे वरिष्ठ नागरिक हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक ज्ञान के संरक्षक हैं।उनकी गरिमा,स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल एक नीति नहीं,बल्कि राष्ट्र की नैतिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश समावेशी शासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है,जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।राज्यपाल ने कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद भी वरिष्ठ नागरिक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने उन्हें समाज के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे युवाओं के साथ संवाद स्थापित करें और उनमें नैतिक मूल्यों,अनुशासन और सम्मान की भावना को विकसित करने में योगदान दें।मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि तीव्र सामाजिक और तकनीकी परिवर्तन के इस दौर में बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि ईमानदारी,करुणा,बड़ों का सम्मान और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भावना जैसे गुण जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में सहायक होते हैं।उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपने जीवन के अनुभव और ज्ञान युवाओं के साथ साझा करने का आग्रह किया,ताकि समाज की नैतिक और सांस्कृतिक नींव और मजबूत हो सके।राज्यपाल ने प्रतिभागियों से विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में समाज में जागरूकता फैलाने का भी आग्रह किया और कहा कि विकसित और समावेशी भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ नागरिकों ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में हिमाचल प्रदेश में जन-केंद्रित शासन,सामाजिक समरसता और कल्याणकारी पहलों को और मजबूती मिलेगी।इस अवसर पर लोकभवन के वरिष्ठ अधिकारी तथा वरिष्ठ नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
