राज्यपाल ने किया बी.एच.यू.में “भारत विमर्श” कार्यक्रम का उद्घाटन।

उत्तर प्रदेश के बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय में आयोजित “भारत विमर्श”के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की शक्ति उसकी सांस्कृतिक जड़ों में निहित होती है,और उस संस्कृति को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम् है।यह कार्यक्रम दिवि वेलफेयर फाउंडेशन,काशियाना फाउंडेशन,सामाजिक विज्ञान संस्थान,काशी हिंदू विश्वविद्यालय में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पीठ द्वारा आयोजित किया गया।राज्यपाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में काशी को केवल एक नगर नहीं,बल्कि ज्ञान,साधना और संस्कृति की शाश्वत राजधानी माना गया है।उन्होंने कहा कि “भारत विमर्श”एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है,जिसका उद्देश्य राष्ट्र,संस्कृति और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं,शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना है।इस सराहनीय अभियान के लिए उन्होंने आयोजकों की सराहना की।उन्होंने कहा कि इस संवाद का विषय “शिक्षा और नशामुक्त भारत-2047 के विकसित भारत की ओर’’अत्यंत महत्वपूर्ण और समयोचित है।

श्री गुप्ता ने कहा कि भारतीय परंपरा सदैव युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती रही है।उन्होंने कहा कि उपनिषदों में कहा गया है,‘‘उठो, जागो और श्रेष्ठ लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर आगे बढ़ते रहो।यही संदेश आज की युवा पीढ़ी के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प हमारे सामने है। इस संकल्प की पूर्ति में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने विश्वास जताया कि भारत विमर्श जैसे कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्र निर्माण के विचार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय अभियान ‘भारत विमर्श’की शुरुआत काशी से हो रही है,जहाँ सदियों से ज्ञान,दर्शन और संस्कृति की धारा पूरे भारत को प्रेरित करती रही है।राज्यपाल ने कहा,‘हमारे शास्त्रों में भारत की सांस्कृतिक एकता को इस प्रकार व्यक्त किया गया है,कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान है।यह भाव भारत की राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है।उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है,बल्कि यह चरित्र निर्माण,नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की आधारशिला भी है।उन्होंने कहा कि यदि हमारी युवा पीढ़ी शिक्षित,जागरूक और नशा-मुक्त होगी,तो निश्चित ही भारत का भविष्य सुरक्षित, सशक्त और उज्ज्वल होगा।

इस अवसर पर,विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत चतुर्वेदी ने राज्यपाल का स्वागत किया।विशिष्ट अतिथि  सुमित सिंह तथा दीन दयाल पीठ के अध्यक्ष तेज प्रताप सिंह,प्रो जगदीश राय,सुनील कुमार मिश्रा,आशीष सिंह बघेल तथा आशीष गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।डॉ सचिन मिश्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव व्यक्त किया।

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