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तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाईलामा के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घ आयु की कामना को लेकर सोमवार को मैक्लोडगंज स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।इस विशेष दीर्घायु प्रार्थना समारोह का आयोजन विश्वभर से आए पूर्व तिब्बती राजनीतिक बंदियों और ल्हासा ब्वायज एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा किया गया।इस भावुक और आध्यात्मिक समारोह में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के लगभग 17 अलग-अलग देशों से पूर्व तिब्बती राजनीतिक बंदी और उनके परिवार धर्मशाला पहुंचे थे।अपनी मातृभूमि और अपनी संस्कृति के लिए संघर्ष करने वाले ये लोग अपने सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता के दर्शन पाकर बेहद उत्साहित और भावुक नजर आए।उल्लेखनीय है कि दलाईलामा वर्तमान में 90 वर्ष के हैं और आगामी जुलाई 2026 में वह 91 वर्ष के हो जाएंगे।उनकी आयु और स्वास्थ्य को देखते हुए निर्वासित तिब्बती समुदाय लगातार उनके मार्गदर्शन और उपस्थिति के लिए प्रार्थनाएं कर रहा है।सोमवार को हुई यह विशेष पूजा तिब्बती समुदाय की एकजुटता और अपने नेता के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक बनी।समारोह के दौरान पूर्व राजनीतिक बंदियों ने एकजुट होकर दलाईलामा के निरंतर मार्गदर्शन और उनके दीर्घायु होने की सामूहिक प्रार्थना की। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि दलाईलामा न केवल उनके आध्यात्मिक गुरु हैं,बल्कि वे पूरी दुनिया के लिए शांति और करुणा के दूत हैं।इस दाैरान मैक्लोडगंज का मुख्य मंदिर परिसर मंत्रोच्चारण और पारंपरिक तिब्बती प्रार्थनाओं से गुंजायमान रहा।

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