केंद्र की ओर से राज्यों के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी)बंद करने और सेब पर आयात शुल्क घटाने का मुद्दा संसद में गूंजेगा।आरडीजी बंद करने के मुद्दे को हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में विशेष रूप से उठाया जाएगा।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में उनकी कैबिनेट के अधिकतर मंत्री बैठक में शामिल हुए।मंत्रिमंडल ने आरडीजी बंद होने के बाद इसके हिमाचल की आर्थिकी पर पड़ने वाले असर पर अपनी रिपोर्ट पेश की।विदेशी सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने से हिमाचल के सेब बागवानों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी चर्चा की।शाम छह बजे शुरू हुई बैठक करीब दो घंटे चली।पहले चरण में कांग्रेस के केंद्रीय नेता एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला भी उपस्थित रहे,जिसमें सेब आयात शुल्क घटाने पर चर्चा हुई।दूसरे चरण में मनरेगा बंद करने के बाद हिमाचल में इसका विरोध करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।इसे बंद करने से होने वाले प्रभाव पर भी मंत्रणा हुई।बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल,प्रभारी रजनी पाटिल,प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और पूर्व राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा भी मौजूद रहे।

वहीं,मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी से प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के साथ आत्मीय मुलाकात हुई।उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र सरकार के आरडीजी बंद करने के निर्णय से प्रदेश के विकास,वित्तीय अधिकारों और जनकल्याण पर पड़ने वाले प्रभावों से उन्हें विस्तारपूर्वक अवगत कराया।खरगे और राहुल ने प्रदेश के पक्ष को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर मजबूती से साथ खड़ी रहेगी।

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