
हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी के 500 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा के साथ सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव सोमवार को शुरू हो गया।देव महाकुंभ की शुरुआत पारंपरिक जलेब से हुई।राज देवता माधो राय के दरबार से शाही ठाठ से निकली पहली जलेब पड्डल में पहुंचकर समाप्त हुई।

आस्था के सैलाब के बीच जीप पर सवार होकर पड्डल पहुंचे उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।इससे पहले उपायुक्त कार्यालय परिसर में उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई।

इसके बाद उन्होंने राज माधो राय मंदिर में जाकर विधिवत पूजा अर्चना की।यहीं से इस भव्य देव महाकुंभ की पहली पारंपरिक जलेब शुरू हुई।जलेब में स्थानीय लोग और देवलू अपने देवी-देवताओं के रथों के साथ झूमते-नाचते और गाते हुए शामिल हुए।

19 को मध्य और 22 फरवरी को अंतिम जलेब निकलेगी:अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में तीन जलेब निकलती है।अब 19 फरवरी को मध्य और 22 फरवरी को अंतिम जलेब निकलेगी।अंतिम दिन चौहटा में जातर भी सजेगी,जहां पर सभी देवी देवता विराजमान होने के बाद अपने अपने मूल स्थानों की ओर रवाना होंगे।

