राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद उत्पन्न वित्तीय स्थिति पर चर्चा के लिए पीटरहॉफ में बुलाई बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा.राजीव बिंदल ने मीडिया से बात की।उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आपत्ति दर्ज कराई कि कुछ वक्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के संदर्भ में अनुचित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं,लेकिन भाषा की मर्यादा और संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।इसी विषय पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बैठक बीच में ही छोड़ दी।उन्होंने कहा कि हिमाचल का विकास सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है और भाजपा ने सत्ता में रहते हुए तथा विपक्ष में रहते हुए हमेशा प्रदेश हित को प्राथमिकता दी है।कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए लगभग 40 महीने हो चुके हैं और पूर्ण बहुमत होने के बावजूद अपनी वित्तीय विफलताओं का ठीकरा केंद्र सरकार और भाजपा पर फोडऩा एक योजनाबद्ध राजनीतिक प्रयास है।डा.राजीव बिंदल ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होना कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं है,बल्कि पूर्व वित्त आयोगों की सिफारिशों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित था कि यह अनुदान चरणबद्ध रूप से कम होगा और निर्धारित अवधि के बाद समाप्त होगा।केंद्र ने एनएच,हैल्थ,पंचायती राज से लेकर सभी विभागों में राज्य सरकार की भरपूर मदद की।बल्क ड्रग पार्क दिया।टैक्स मेें हिस्सा बढ़ाया।इसे नजरअंदाज कर केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाना तथ्यों के विपरीत है।भाजपा नेताओं ने कहा कि वे प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए हर रचनात्मक चर्चा में भाग लेने को तैयार है परंतु एकतरफा दोषारोपण,भ्रामक प्रस्तुति और राजनीतिक नैरेटिव गढकऱ वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाना समाधान नहीं है।प्रदेश हित से जुड़े हर विषय पर भाजपा मजबूती से अपनी बात रखती रहेगी

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