
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय स्तर की फेडरेशन के संयुक्त मंच के आह्वान पर वीरवार को राजधानी शिमला में चार लेबर कोड के विरोध में प्रदर्शन किया गया और रैलियां निकालीं गईं।मजदूरों के विभिन्न संगठनों ने मिलकर सीटू के बैनर तले पुराने बस अड्डे से कार्ट रोड,सब्जी मंडी से नाज और वहां से लोअर बाजार होते हुए सीटीओ चौक तक रैली निकाली तथा प्रदर्शन किया जिसमें आईजीएमसी,केएनएच,चमयाना,मानसिक रोगियों के अस्पताल,आयुर्वेदिक अस्पताल के कांट्रेक्ट वर्कर,आंगनबाड़ी,मिड डे मील,होटल,तहबाजारी,सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट,नगर निगम शिमला की सैहब सोसायटी,विशाल मेगामार्ट,कालीबाड़ी मंदिर के मजदूरों ने भाग लिया।

इस दौरान केंद्र सरकार के नए लेबर कोड और श्रम कानूनों का विरोध किया गया।मजदूर नेताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने चार लेबर कोड को कानून का रूप देकर मजदूरों को गुलाम बनाने की कोशिश की है।इससे बंधुआ मजदूरी बढ़ेगी।केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने,आउटसोर्स और ठेका प्रथा खत्म करने,मल्टी टास्क,टेंपररी,कैजुअल,ट्रेनी की जगह नियमित रोजगार देने की मांगें उठाईं।इसके अलावा मनरेगा कानून को खत्म करके वीबी राम जी लागू करने का भी विरोध किया।इसके अलावा केंद्र सरकार से श्रमिक कल्याण बोर्ड का आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने,अमेरिका द्वारा भारत पर थोपे 18 प्रतिशत टैरिफ को खत्म करने,फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने,स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशें लागू करने का आग्रह किया।

सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि लेबर कोड लागू करने से 70 फीसदी उद्योग और 74 फीसदी मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे।यह मजदूरों को गुलाम बनाने की कोशिश है।इसमें मजदूरों को अपने हक के लिए लड़ने या आवाज उठाने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान किया है।इससे अस्थायी रोजगार,ठेका प्रथा,फिक्स टर्म रोजगार बढ़ेगा।मजदूरों के काम करने की अवधि 12 घंटे कर दी है।मजदूर नेताओं ने आंगनबाड़ी,मिड डे मील और आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग भी की।मजदूरों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये तय करने का आग्रह किया और बीमा क्षेत्र में सौ फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का विरोध किया।प्रदर्शन में हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डॉ.कुलदीप सिंह तंवर,एलआईसी नेता प्रदीप मिन्हास,दीक्षांत ठाकुर,चमन ठाकुर,रमाकांत मिश्रा,विवेक कश्यप,मीनाक्षी ठाकुर,शांति देवी,अनिल ठाकुर,रंजना जरेट,एडवोकेट सुरेंद्र वर्मा,प्रताप चौहान,वीरेंद्र लाल,प्रवीण शर्मा,ओमप्रकाश गर्ग और दलीप सिंह ने हिस्सा लिया।

