
प्रदेश आज एक साथ कर्ज-मर्ज,माफिया और बेरोजगारी के संकट से गुजर रहा है।कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही हिमाचल का विकास पटरी से उतर गया और अब आम जनता का भरोसा भी टूट गया है।ये बातें शनिवार को सुंदरनगर में भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रैस वार्ता में डा.बिंदल ने कहीं।उन्होंने कहा कि सरकार ने आज फिर 1000 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेकर प्रदेश को और गहरे आर्थिक दलदल में धकेल दिया है।सत्ता संभालने के बाद अब तक लगभग कांग्रेस सरकार 45 हजार करोड़ रुपए का ऋण ले चुकी है लेकिन धरातल पर न तो कोई बड़ा विकास कार्य दिखता है और न ही अधूरी योजनाएं पूरी हो रही हैं।बिंदल ने तंज कसते हुए पूछा कि जब मुख्यमंत्री रोज खाली खजाने का रोना रोते हैं,तो फिर हजारों करोड़ का यह कर्ज आखिर किस सुपर विकास पर खर्च हो रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि यह धन केवल विज्ञापनों,प्रचार और सत्ता के ऐशो-आराम में लुटाया जा रहा है।स्वास्थ्य सेवाओं पर बिंदल ने कहा कि आज हिमाचल के अस्पताल खुद बीमार हो चुके हैं।आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाओं का भुगतान रोके जाने से गरीबों का मुफ्त इलाज छिन गया है,वहीं 108 एम्बुलैंस सेवा अव्यवस्था के कारण दम तोड़ रही है।उन्होंने कहा कि जो संस्थान युवाओं को नौकरी देने के लिए बनाए गए थे,उन्हें कांग्रेस सरकार ने बंद या निष्क्रिय कर दिया है। कानून-व्यवस्था को लेकर बिंदल ने कहा कि देवभूमि आज अपराध भूमि बनती जा रही है।चिट्टा और नशा माफिया गांव-गांव तक फैल चुका है,शराब और खनन माफिया को कथित सरकारी संरक्षण मिल रहा है।इस मौके पर विधायक राकेश जम्वाल और प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा भी मौजूद रहे।
