
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देवभूमि में सियासत आपसी प्रतिशोध लेने के लिए नहीं,विकास करने के लिए ही होती रही है,लेकिन वर्तमान सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।साथ छोड़ चुके कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को सत्ता के दम पर प्रताडि़त किया जा रहा है।सत्ता के दुरुपयोग से सरकार भाजपा विधायकों को आज भले कुछ पल के लिए परेशान कर लें,लेकिन सत्ता स्थायी नहीं है।यह बात उन अधिकारियों को भी समझनी बहुत जरूरी है,जो आज कानून-कायदे ताक पर रखकर भाजपा नेताओं और सरकार के पक्ष में न लिखने वाले पत्रकारों को मुकदमे में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का साथ छोड़ चुके सभी पूर्व कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों को बदले की भावना से प्रताडि़त किया जा रहा है।हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ खनन का मामला पुलिस पार्टी बनकर दर्ज करवाती है,जबकि माइनिंग विभाग इसकी कोई शिकायत तक नहीं करता।दस दिन से लगातार हमारे विधायक को बुलाकर थाने में दिन भर बिठाकर प्रताडि़त जा रहा है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केएल ठाकुर और उनके परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से एक के बाद एक मामले लादने की कोशिश हुई।उनका क्रशर बंद कराया गया,जो हाई कोर्ट के आदेश के बाद फिर से शुरू हुआ है।राजेंद्र राणा और उनके परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। इंद्रदत्त लखनपाल के खिलाफ हर दिन साजिश हो रही है। कांग्रेस में पहले मंत्री रहे सुधीर शर्मा को फंसाने के लिए कोशिश हुई।सिरमौर में डा.राजीव बिंदल और विधायक सुखराम चौधरी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया।देहरा के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।भाजपा शिमला के जिला अध्यक्ष और उनके परिवार के ऊपर दर्जनों की संख्या में केस किए गए हैं।अवैध मस्जिद का विरोध करने पर हमारे पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी और अन्य 166 लोगों पर भी मुकदमे किए गए हैं।उन्होंने कहा कि बदले की भावना के साथ की गई कार्रवाई का परिणाम न पहले अच्छा हुआ है और न आगे अच्छा होगा।

