नशे के खिलाफ संकल्पबद्ध होकर सभी सहयोग करें:शुक्ल।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने रविवार को यहां गैर-सरकारी संगठनों के समूह ‘संजीवनी’ के सौजन्य से ‘चिट्टे पर चोट’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।कार्यशाला में प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए समन्वित और दृढ़ प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।राज्यपाल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस की कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ इससे प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना भी अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि समाज से नशे के उन्मूलन के लिए गैर-सरकारी संगठनों के साथ-साथ धार्मिक संस्थाओं की भागीदारी भी महत्त्वपूर्ण है।विदेशी एजेंसियों द्वारा संचालित नशे के नेटवर्क को तोडऩे के लिए समाज का सामूहिक प्रयास जरूरी है।उन्होंने कहा कि ‘चिट्टे पर चोट’ केवल एक अभियान नहीं,बल्कि एक संकल्प है।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व प्रसिद्ध है लेकिन आज प्रदेश सिंथेटिक ड्रग्स,‘चिट्टे’ की चुनौती का सामना कर रहा है।यदि सरकारी,एजेंसियां,पुलिस,प्रशासन,पंचायतें,स्कूल,कॉलेज और सामाजिक संगठन एकजुट होकर काम करें तो हिमाचल को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।इससे पहले संजीवनी समूह के अध्यक्ष महेंद्र धर्माणी ने राज्यपाल का स्वागत किया।प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा से शुरू किए गए उनके नशा मुक्त अभियान को पूरे प्रदेश में जनसमर्थन मिल रहा है।

17 एनजीओ के साथ समन्वय स्थापित:राज्यपाल का मार्गदर्शन स्वयंसेवी संगठनों को दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने बताया कि 25 सितंबर,2025 को गठित यह संगठन सात जिलों के 17 एनजीओ के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है।संजीवनी समूह के सचिव नरेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।इस अवसर पर विशेषज्ञ के रूप में संजीवनी के सलाहकार जोगिंदर कंवर,उपाध्यक्ष नितिन व्यास,उपाध्यक्ष डा.जोगिंद्र सकलानी,डीआईजी पुलिस दिग्विजय नेगी,वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष वर्मा,ओपी शर्मा,डा.निधि शर्मा अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित उपस्थित थे।
