
हिमाचल विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कैबिनेट रैंक प्राप्त नगरोटा बगवां के कांग्रेस विधायक आरएस बाली ने एक गंभीर मसला उठाया।उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्रियों के बिजली बिलों की जानकारी दी गई है।उसमें उनका 14 महीने का बिल 6.78 लाख रुपए बताया गया है,जबकि असली बिल 1.68 लाख है।बाली ने कहा कि मीडिया में यह गलत आंकड़ा जाने के कारण उनकी और उनके चुनाव क्षेत्र की बदनामी हुई है।उन्होंने स्पीकर से कार्रवाई की मांग की,क्योंकि यह सब गलत मंशा से किया गया है।

इसका जवाब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में दिया।उन्होंने माना कि यह गलत आंकड़ा दिया गया है,क्योंकि मुख्यमंत्री निवास ओकओवर का बिल भी 3.76 लाख बताया गया है,जो 1.45 लाख रुपए है।यह गलती दो कारणों से हुई।एक तो बिजली बिल का भुगतान लोक निर्माण विभाग करता है,बिजली बोर्ड नहीं,और दूसरा स्मार्ट मीटरिंग के कारण बिजली बोर्ड ने पुराना एरियर भी इसमें दिखा दिया है।इसे दुरुस्त किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी कहा है कि विधानसभा ने इस मामले का संज्ञान लिया है,संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जो भी आंकड़ा विधानसभा में रखा जाए उसको क्रॉस एग्जामिन किया जाए।बाद में बाली ने विधानसभा परिसर में ही प्रेस वार्ता भी की।

