
सांसद अनुराग ठाकुर और सासंद राजीव भारद्वाज ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से भेंट की।इस दौरान इन दोनों नेताओं ने ऊना से कांगड़ा के बीच कुन्नाह होते हुए एक नई रेल लाइन के सर्वे की मांग की।ऊना,हमीरपुर व कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को देश भर से जोड़ने वाली यह नई रेल लाइन छात्रों,श्रद्धालुओं,व्यापारियों,सैनिकों व पर्यटकों को विशेष लाभ पहुंचाएगी।अनुराग ठाकुर ने कहा किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की मज़बूती वहां मौजूद रेल और सड़क की कनेक्टिविटी पर निर्भर करती है।राज्य के विकास में रेलवे लाइन का अत्यधिक महत्व है और इसके निर्माण से निश्चित रूप से राज्य की आर्थिक प्रगति में बढो़त्तरी होती है साथ ही रेलवे लाइन सड़क परिवहन के दबाव को कम करने में मदद करती है।मेरा प्रयास हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में सतत् रेलवे विकास का रहा है और इसी क्रम में आज मैंने कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से सांसद राजीव भारद्वाज के साथ केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से भेंट कर ऊना से कांगड़ा के बीच नई रेल लाइन के सर्वे की मांग रखी।रेल मंत्री से भेंट के दौरान हमने उन्हें बताया कि जनता की सुविधा के दृष्टिगत ऊना से कांगड़ा के बीच कुन्नाह होते हुए एक नई रेल लाइन का निर्माण अति आवश्यक है।हमीरपुर व काँगड़ा संसदीय क्षेत्र को देश भर से जोड़ने वाली यह रेल लाइन छात्रों,श्रद्धालुओं, व्यापारियों,सैनिकों व पर्यटकों को विशेष लाभ पहुंचाएगी। देवी सर्किट के रूप में बनने वाली यह रेल मार्ग कालेश्वर महादेव मंदिर,मां ज्वालामुखी,मां चिंतपूर्णी,मां बगलामुखी, मां बज्रेश्वरी,मां चामुंडा देवी,मसरूर मंदिर और बाबा बालकनाथ मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों को भी जोड़ेगा, जहां साल भर देश भर से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं।साथ ही यह रेल लाइन NIT, IIIT,मेडिकल कॉलेज,सेंट्रल यूनिवर्सिटी जैसे अनेकों संस्थानों में पढ़ने वाले हज़ारों छात्रों व शिक्षकों को लाभ पहुंचायेगी”राजीव भारद्वाज ने कहा “ कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख ज़िला है जहां तिब्बती धर्मगुरु श्रद्धेय दलाई लामा जी का निवास है साथ ही यहां प्रतिष्ठित धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम भी है,जो दुनिया के सबसे मनोरम स्टेडियमों में से एक है और खेल प्रेमियों और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।इसके अतिरिक्त,प्रस्तावित मार्ग महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और पौंग बांध तथा धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना जैसी प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं के लिए बेहतर संपर्क प्रदान करेगा।इस रेलवे लाइन के निर्माण से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ावा मिलेगा, राजस्व सृजन होगा और क्षेत्र के लिए आर्थिक अवसर पैदा होंगे।उत्तर प्रदेश,बिहार और देश के अन्य राज्यों से तीर्थयात्री अक्सर उपर्युक्त प्रतिष्ठित मंदिरों के दर्शन के लिए आते हैं। बेहतर रेल संपर्क से उनकी यात्रा बहुत आसान हो जाएगी और बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा। इस प्रकार,यह रेलवे लाइन घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों पर्यटकों को आकर्षित करेगी और संपर्क,सुगम्यता में सुधार और व्यापक आर्थिक संभावनाओं के द्वार खोलकर हिमाचल प्रदेश के लोगों को अत्यधिक लाभान्वित करेगी।ऐसे में यह रेल लाइन हर दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके बनने से ना सिर्फ़ यात्रियों की सुविधा में बढ़ोत्तरी होगी अपितु केंद्र व राज्य सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
