
सेब उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट कर,सेब के बगीचों में तेजी से फैल रही एक नई बीमारी से अवगत करवाया।इस बीमारी से उनकी फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से इस बीमारी की वैज्ञानिक जांच तथा नियंत्रण के लिए शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।बागवानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बीमारी के कारण सेब के पत्ते पीले पड़ रहे हैं तथा समय से पहले ही गिरने लगे हैं,जिससे सेब की पैदावार में भारी गिरावट आ रही है।मुख्यमंत्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉ.वाई.एस.परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी,जिला सोलन के कुलपति से दूरभाष पर बात की तथा विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीमों को अविलम्ब प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।उन्होंने निर्देश दिए कि इस बीमारी की वैज्ञानिक जांच की जाए तथा बागवानों को जमीनी स्तर पर रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों बारे शिक्षित किया जाए।मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बीमारी तेजी से फैल रही है तथा बागवानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।इस स्थिति से यथाशीघ्र निपटना जरूरी है।उन्होंने कुलपति को सात दिनों के भीतर प्रदेश सरकार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए,ताकि यथाशीघ्र उचित कदम उठाए जा सकें।उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार किसानों और फल उत्पादकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है और हजारों परिवार इस क्षेत्र से अपनी आजीविका कमाते हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान भी उपस्थित थे।
