
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड 12वीं के अंग्रेजी विषय के परीक्षा परिणाम को संशोधित करेगा।इसका कारण यह है कि बोर्ड कर्मचारियों ने रद्द पेपर की ओएमआर सीट की आंसर की स्कैनिंग के लिए भेज दी थी,जिससे रद्द पेपर के ही अंक परिणाम में जोड़ दिए गए।बोर्ड ने माना कि इससे परिणाम प्रभावित हुआ।इसलिए अब अंग्रेजी विषय की दोबारा मार्किंग होगी।एक-दो दिन में बोर्ड परिणाम दोबारा घोषित करेगा।संशोधित परिणाम में अंक कम आने पर परीक्षार्थियों के अंकों में कटौती नहीं होगी,लेकिन बढ़े हुए अंक जुड़ेंगे।संशोधन से पहले घोषित परीक्षा परिणाम की पास प्रतिशतता बढ़ेगी।बोर्ड के सचिव डॉ.मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों,राजकीय अध्यापक संघ,निजी स्कूलों की एसोसिएशन और शिक्षा मंत्री की ओर से अंग्रेजी विषय के अंक कम आने की बात कही गई थी। इस पर बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए जांच-पड़ताल शुरू की।जांच में सामने आया कि इस बार शिक्षा बोर्ड ने बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करने के लिए ओएमआर सीट का इस्तेमाल किया गया था,12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा आठ मार्च को थी,लेकिन इससे पहले ही चंबा के एक स्कूल में 10वीं की परीक्षा के दौरान ही अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्र को खोल दिया, जिसके चलते शिक्षा बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा स्थगित कर दी और अप्रैल में नए प्रश्नपत्रों के साथ परीक्षा का आयोजन किया।परीक्षा के बाद जब मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हुई तो बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए जारी आंसर की को बोर्ड के संबंधित विभाग ने रद्द किए गए प्रश्नपत्र की आंसर की को स्कैनिंग के लिए दे दिया,जिसके चलते विद्यार्थियों को ओएमआर सीट के सही अंक नहीं मिले।बोर्ड के सचिव ने कहा कि अब बोर्ड प्रबंधन ने इस गलती पकड़ने के बाद अंग्रेजी का संशोधित परीक्षा परिणाम घोषित करने का फैसला लिया है।नए प्रश्नपत्र की ओएमआर सीट को स्कैन कर उसके अंक 12वीं के अंग्रेजी विषय में जुड़ेंगे।पहले घोषित परीक्षा परिणाम की पास प्रतिशतता 83.16 में भी एक से दो फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है।इस दौरान जिन परीक्षार्थियों को बहुविकल्पीय प्रश्नों में जो अंक मिले हैं,अगर नई स्कैनिंग के बाद उनमें कमी आती है तो इन्हें कम नहीं किया जाएगा।दूसरी ओर अगर किसी विद्यार्थी के अंक बढ़ते हैं तो उन्हें उनकी मार्क्सशीट में जोड़ दिया जाएगा।शिक्षा बोर्ड एक-दो दिन में नए रिवाइव परीक्षा परिणाम की नोटिफिकेशन जारी कर उसे बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करेगा।इससे मेरिट लिस्ट में भी संशोधन होना तय माना जा रहा है।वहीं,बोर्ड के जिन कर्मचारियों से यह चूक हुई है,उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
