
सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू)ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड और ऋत्विक प्रबंधन के खिलाफ सुन्नी में प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों मजदूरों ने चेताया है कि अगर समझौते को पूर्ण रूप से लागू न किया तो एक मई को फिर उग्र प्रदर्शन होगा।सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूर शामिल हुए।

सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सुन्नी डैम हाइड्रो में सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड और ऋत्विक प्रबंधन द्वारा श्रम कानूनों की उलंघना की जा रही है।परियोजना के मजदूरों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।मजदूरों से कुशल श्रेणी का काम करवाने के बावजूद वेतन अकुशल श्रेणी का दिया जा रहा है।सीटू के जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने कहा कि मजदूरों को आईकार्ड नहीं दिए हैं,न ही उनका ईपीएफ जमा हो रहा है।इसके अलावा मजदूरों को रहने की उचित व्यवस्था तक नहीं दी जा रही।

प्रदर्शन के बाद यूनियन पदाधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच करीब दो घंटे वार्ता चली।सीटू के राज्याध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन से हुई वार्ता में मजदूरों की मांगों को पूरा करने की बात कही है।इसके अलावा आपसी सहमति पर कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों को साल में तीस दिन लीव सैलरी का भुगतान करने का निर्णय लिया है।कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों को प्रतिमाह एक हजार रुपये का धूल भत्ता देने और श्रेणी अनुसार वेतन देने को कहा है।ईएसआई पंजीकरण की प्रक्रिया तीन दिन में पूरी करने का आश्वासन दिया है।

