
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष तपेदिक (टीबी)उन्मूलन कार्यक्रम पर कार्यशाला का आयोजन किया।इस कार्यशाला में टुटू ब्लॉक की 34 पंचायतों में से 24 पंचायतों के प्रधानों एवं अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर टीबी उन्मूलन के लिए जन प्रतिनिधियों को जागरूक और संवेदनशील बनाना था।कार्यशाला में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों को टीबी की रोकथाम,उपचार और समय पर पहचान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।साथ ही पंचायत स्तर पर समुदाय को जागरूक कर टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया गया।

स्वास्थ्य विभाग से राज्य सूचना,शिक्षा एवं संचार(आईईसी) अधिकारी,एल आर शर्मा,राज्य तपेदिक पर्यवेक्षक अनमोल राज कौंडल और सुनील ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की और उपस्थित प्रतिभागियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यशाला का आयोजन वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर(WHP) द्वारा किया गया,जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इम्पैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट पर कार्यरत है।डब्ल्यूएचपी का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के उन्मूलन में योगदान देना है।डब्ल्यूएचपी की ओर से राज्य लीड डॉ.अपर्णा,जिला लीड विक्रमजीत और सामुदायिक समन्वयक नवीन डमसेठ ने कार्यशाला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने टीबी उन्मूलन के लिए समुदाय की भागीदारी पर जोर देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश और समर्थन प्रदान किया।

टीबी मुक्त समाज की दिशा में यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कदम है,जिससे न केवल जागरूकता फैलेगी,बल्कि सामूहिक प्रयासों से टीबी को समाप्त करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी,कार्तिकेय शर्मा उपस्थित रहे और उन्होंने टीबी उन्मूलन के महत्व पर जोर देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

