
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार अपने चरम पर है।वर्तमान में नशा माफिया,पुलिस और राजनीतिक गठजोड़ का मामला सामने आ रहा है,वह बहुत चिंताजनक और शर्मनाक है।प्रदेश में पिछले तीन हफ्तों में नशे के ओवर डोज की वजह से चार युवाओं की दुखद मृत्यु का मामला सामने आ चुका है।ऐसे हालत में नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है,प्रदेश के लोग किस पर भरोसा करेंगे।इस खबर से प्रदेशवासियों पर क्या बीत रही होगी,जो नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चाहते हैं।यह अविश्वास की स्थिति है और इसका निराकरण होना चाहिए।अभी तक जो तथ्य मीडिया के माध्यम से सामने आए हैं।सरकार उसके बारे में साफ साफ प्रदेशवासियों को बताएं।इस मामले में सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की जा रही है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी,इसके बारे में भी प्रदेशवासियों को जानने का हक है। उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष के नेता होने के नाते पूरे प्रदेश वासियों की तरफ से मांग करता हूं कि मुख्यमंत्री इस मामले में पूरी स्थिति स्पष्ट करें।साथ ही नशे के खिलाफ सरकार द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रभावी लड़ाई सरकार का साथ देने का वादा भी करता हूं।प्रदेश से नशे की विदाई होनी चाहिए और नशा माफिया का साम्राज्य नष्ट होना चाहिए। इसके लिए विपक्ष सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। हम अपने प्रदेश के युवाओं को नशे के मकडज़ाल में नहीं फसने दे सकते हैं।भाजपा नशे के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में छपी खबर के अनुसार नशे के खिलाफ काम करने वाली एसआईटी ने बिलासपुर के कांग्रेस नेता के बेटे को गिरफ्तार किया,तो प्रदेश में तबादला बंद होने के बाद भी उस पूरी टीम का ट्रांसफर कर दिया गया। टीम का ट्रांसफर करने के लिए कांग्रेस नेता द्वारा पत्र लिखा गया।पत्र लिखने वाले नेता के बारे में पूरा प्रदेश जानता है कि उन्होंने किस तरीके से बिलासपुर में न्यायालय के बाहर भाड़े के शूटर से गोली कांड करवाया था।बद्दी में नशा माफिया के खिलाफ तत्कालीन एसपी द्वारा अभियान चलाया गया। उसका नतीजा यह निकला कि महिला एसपी को रातोंरात छुट्टी पर भेज दिया गया।
