
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय घंडल शिमला से 43 दैनिक भोगी कर्मचारियों को गैर कानूनी तरीके से नौकरी से निकालने के खिलाफ विश्वविद्यालय परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।कर्मचारी नेशनल हाई-वे पर इकट्ठे हुए व एक रैली के रूप में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे।विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों द्वारा प्रदर्शन से मजदूरों को रोकने व उनसे धक्का-मुक्की करने पर प्रदर्शनकारी भडक़ गए तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।प्रदर्शनकारी आक्रोशित होकर मुख्य गेट पर बैठ गए व दो घंटे धरने पर डटे रहे।प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के व्यवहार को तानाशाही करार दिया है।सीटू ने चेताया है कि अगर मजदूरों की तुरंत बहाली न हुई तो तीन फरवरी से आंदोलन तेज होगा।

सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि दैनिक भोगी कर्मचारियों को गैर कानूनी तरीके से नौकरी से निकाला गया है।कर्मचारी नेशनल हाईवे पर इकट्ठा हुए और एक रैली के रूप में विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचे।प्रदर्शन में शामिल सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और जिला कोषाध्यक्ष बालक राम,दैनिक भोगी कर्मचारी विवेक कश्यप, रामप्रकाश,आशा,पंकज,हेमराज,रजनीश,चंद्रमोहन, हेमंत,धर्मेंद्र,रणधीर,मीरा,राजेश,दुर्गादत्त,पुष्पेंद्र,ज्योति, रामप्यारी,रचना,चंदन,हेमा,दीपशिखा,अनीता,निर्मला, जीत,सोहन लाल,हनींद्र और अनूप इस धरने में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।इसमें सचिवालय से राजभवन तक मार्च निकालेंगे और रिज पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर अपने हक की आवाज उठाएंगे।उन्होंने कहा कि यदि तीन फरवरी तक नौकरी से निकाले कर्मचारियों को बहाल नहीं किया तो तीसरे चरण का उग्र आंदोलन होगा।
