बोले योजना के लाभ से आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे प्रदेश के युवा।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विस क्षेत्र के राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के एक लाभार्थी अशोक कुमार को शनिवार को ई-टैक्सी की चाबी सौंपी।अशोक कुमार ने इस योजना के तहत सरकारी सब्सिडी पर ई-टैक्सी ली है,जिसे ऊना जिले में जलशक्ति विभाग में लगाया गया है और उनके लिए महीने के 50 हजार रुपये की सैलरी फिक्स हुई है।उपमुख्यमंत्री ने गोंदपुर जयचंद में ई-टैक्सी की चाबी सौंपते हुए अशोक को अपनी शुभकामनाएं दीं।अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है।इसके लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना चलाई गई है।योजना के लाभ से अनेकों युवा आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।यह योजना युवाओं को स्वरोजगार का संबल देने के साथ ही,प्रदेश में समग्र और हरित विकास तथा पर्यावरण प्रदूषण मुक्त राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत युवाओं के लिए ई-टैक्सी खरीदने पर सब्सिडी का प्रावधान किया है।लाभार्थियों को 50 प्रतिशत सब्सिडी और 40 प्रतिशत पर 7.9 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से बैंक लोन उपलब्ध करवाया जा रहा है।केवल शेष 10 प्रतिशत धन लाभार्थी देता है।सरकार ने इन टैक्सियों को सरकारी विभागों के साथ अटैच करके लाभार्थियों को प्रतिमाह 50 हज़ार रुपये प्रदान करने का प्रावधान किया है।वहीं,दुलैहड़ के 44 वर्षीय अशोक कुमार ने युवा हितैषी योजना के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का तहेदिल से आभार जताया।उहोंने बताया कि वे पहले निजी टैक्सी चलाते थे,लेकिन तेल की मंहगाई और कठिन प्रतिस्पर्धा उन पर भारी पड़ रही थी।ऐसे में उन्हें हिमाचल सकरार की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना की जानकारी मिली।उन्होंने इसमें ई-टैक्सी के लिए श्रम एवं रोजगार विभाग के पोर्टल पर आवेदन किया,तमाम प्रक्रिया तथा स्वीकृति के बाद उन्होंने ई-टैक्सी खरीदी है,जिसे जलशक्ति विभाग के साथ जोड़ा गया है,इससे उनके सुखमय जीवन का अधार बना है।
