पंचनद शोध संस्थान,हिमाचल प्रदेश द्वारा कश्मीर घाटी के छात्र-छात्राओं के लिए हिमाचल अध्ययन यात्रा के तहत राजभवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए।इस अवसर पर,उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान से अपनत्व की भावना को और प्रगाढ़ बनाकर राष्ट्र निर्माण में अपना अहम् योगदान दे,उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम दूसरी बार यहां राजभवन में आयोजित किया गया है।उन्होंने कहा कि भारत का यह‘अमृत काल’ है और वर्ष 2047 में जब हम आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएंगे तब देश के विकास मेें हर व्यक्ति का योगदान होगा।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर में जो अभूतपूर्व विकास हुआ है वह आज नजर आ रहा है।राज्यपाल ने कहा कि कौन सोचता था कि कश्मीर में चुनाव होगा।उन्होंने कहा,‘‘विधानसभा चुनावों ने वहां की बर्फ को भी पीघलाने का कार्य किया है।लोकतंत्र की मजबूती के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग बाहर निकले।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में रह रहे व्यक्ति और उसके विकास के लिए ही लोकतंत्र होता है।उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों ने लोकतंत्र की जीत को सुनिश्चित किया है,जिसके लिए वहां के नागरिक बधाई के पात्र हैं।श्री शुक्ल ने विद्यार्थियों से देश के अन्य राज्यों के नागरिकों से आपसी संवाद पर बल दिया तथा कहा कि परिवर्तन एक दिन में नहीं बल्कि धीरे-धीरे होता है। देश के विकास में किसी एक क्षेत्र को अलग करके नहीं देखा जा सकता है।इससे पूर्व,पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो बृज किशोर कुठियाला अध्ययन यात्रा का यह प्रयास अपने आप में अनूठा है।ऐसी यात्राओं से व्यक्ति और पहचान के बारे में अनुभव होता है।उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राओं ने युवाओं को बदलने का मौका दिया है।उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे कश्मीर में अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित करें और उनसे अपने अनुभव सांझा करे।उन्होने कहा कि आपकी पहचान भारत के नागरिक के तौर पर होनी चाहिए,जिसपर आपको गर्व हो।पंचनद शोध संस्थान के प्रांत संयोजक प्रो.मनु सूद ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा पंचनद शोध संस्थान के सचिव प्रो अरूण सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो.अजय श्रीवास्तक,कष्मीर घाटी से आए विद्यार्थियों के शिक्षक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *