
मुख्य्मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ड्रोन से नेता प्रतिपक्ष की जासूसी नहीं की जा रही है।शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड,शिमला में दबावयुक्त निरंतर पानी की सप्लाई के लिए ड्रोन से मैपिंग कर रहा है।यह बात उन्होंने मंगलवार को विधानसभा में अपने एक वक्तव्य में कही।

उन्होंने कहा कि एसजेपीएनएल ने विश्व बैंक वित्त पोषित शिमला शहर में दबावयुक्त निरंतर पानी की सप्लाई के लिए एक कंपनी के साथ परिणाम आधारित अनुबंध किया है।शिमला शहर में निरंतर पानी की सप्लाई के लिए ड्रोन सर्वे का मुख्य उद्देश्य जल आपूर्ति के पूर्ण डिजाइन के लिए आधार मानचित्र तैयार करना है।उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रोन द्वारा आसमान से केवल घरों का भौतिक डेटा ही एकत्रित किया जा रहा है और किसी भी व्यक्ति एवं निवासी की गोपनीयता से समझौता नहीं किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार ड्रोन सर्वेक्षण से प्राप्त डेटा किसी तीसरी पार्टी के साथ सांझा नहीं किया जाएगा।ऑप्रेटर ने 25 जून 2024 को अनुबंध के निर्धारित समय के भीतर ड्रोन से सर्वे पूरा करने के लिए आवेदन किया था।जिला प्रशासन सेे तीन अगस्त को ड्रोन सर्वेक्षण के लिए अनुमति प्राप्त हुई और सात अगस्त को एसपी कार्यालय ने शिमला के सभी पुलिस स्टेशनों को अनुमति विवरण बता दिया गया था।जिला प्रशासन द्वारा दी गई वर्तमान अनुमति 5 सितम्बर 2024 तक वैध है।खराब मौसम की स्थिति के कारण अब तक 60 फीसदी कार्य ही पूरा हो पाया है व ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य पूरा करने के लिए और 15 दिन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों ओकओवर पर भी ड्रोन घूमकर गया है।उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से जासूसी नहीं की जाती है और नेता प्रतिपक्ष की कोई भी जासूसी नहीं हो रही है।
