
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू की नाकामयाबी और तानाशाही रवैये से तंग आकर विधायकों ने कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने का कदम उठाया है,इनसे भेदभाव की नीति अपनाई जाती थी,जिसका खमियाजा कांग्रेस को विधायक खोकर चुकाना पड़ा है।यह बात शिमला में प्रैस वार्ता में संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कही।उन्होंने कहा कि अभी भी मंत्री व विधायकों में खींचतान चली है,जिससे आने वाले दिनों में खुद ही प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने ही बोझ से गिर जाएगी।कांग्रेस के मंत्री और कई विधायक उनके संपर्क में हैं,लेकिन भाजपा उतने ही विधायक लेगी जितनी जरूरत है और लोकसभा चुनाव के बाद इस सरकार का गिरना तय है।उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा नहीं बल्कि खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह जिम्मेदार हैं।विधायक अपनी सरकार से खुश नहीं हैं।उन्होंने कहा कि जिन कांग्रेस के 6 विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में उन्हें वोट किया है उन्होंने अपनी अंतर आत्मा की आवाज सुनकर ही वोट दिया और पार्टी को छोड़ने का फैसला किया।हर्ष महाजन ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस सरकार केस बना रही,इस तरह कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बन गए थे तानाशाह :रवि ठाकुर।

लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे इस काबिल समझा कि मैं भाजपा में शामिल हो जाऊं।इसलिए मैं पूरी तरह संतुष्ट होकर पार्टी में शामिल हुआ हूं।कांग्रेस छोड़ने की कोई बड़ी वजह रही होगी जो सभी 6 विधायकों ने ऐसा कदम उठाया। लोग तो प्रधान तक का पद नहीं त्यागते।हमने तो सबकुछ दांव लगाकर अपनी विधायकी तक छोड़ दी।उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पूरी तरह तानाशाह बन चुके हैं।हमें हर समय जलील किया जाता था। क्षेत्र के लिए कभी एक लाख तक नहीं दिए,हमेशा भेदभाव की नीति अपनाई,रवि ठाकुर ने कहा कि वे भाजपा के विकास करने के तरीके और नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा से जुड़े हैं।उन्होंने साथ ही भाजपा के पूर्व विधायक डाॅ.रामलाल मारकंडा से अनुरोध किया है कि वे उनका साथ दें।भाजपा ने दो बार मंत्री व अन्य कई पदों से नवाजा है।अब गिले-शिकवे दूर कर मेरा साथ दें, हम मिलकर कार्य करेंगे।
