केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वामपंथी उग्रवाद पर नकेल कसने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई गई है।अमित शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद पर कड़े प्रहार के परिणामस्वरूप आज यह समस्या खत्म होने की कगार पर है।उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से केंद्र सरकार ने यहां के गरीबों के दिलों को जीता है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजनरी नीतियों के कारण आज वामपंथी उग्रवाद अपना आधार खो चुका है।उन्होंने कहा कि सरकार ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के प्रति होलिस्टिक अप्रोच अपनाते हुए वामपंथी उग्रवाद पर करारा प्रहार किया है।अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकारों को साथ लेकर चलते हुए लोगों का विश्वास जीता है।गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2004-14 के मुकाबले वर्ष 2014-23 के दशक में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 फीसदी और मृतकों की संख्या 6035 से 69 फीसदी कम होकर 1868 हो गई है।इसी प्रकार वामपंथी उग्रवाद की घटनाएं 14,862 से कम होकर 7,128 रह गई हैं।वामपंथी उग्रवाद के कारण सुरक्षा बलों की मृत्यु की संख्या वर्ष,2004-14 में 1,750 से 72 फीसदी घटकर वर्ष,2014-23 के दौरान 485 हो गई है और नागरिकों की मृत्यु की संख्या 68 फीसदी घटकर 4,285 से 1,383 रह गई है।इसी प्रकार हिंसा वाले जिलों की संख्या 2010 में 96 थी, जो 2022 में 53 फीसदी घटकर 45 रह गई। इसके अलावा हिंसा रिपोर्ट करने वाले पुलिस स्टेशनों की संख्या 2010 में 465 से घटकर 2022 में 176 रह गई है।

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