
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने फोरलेन निर्माण कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि ठेकेदारों के लालच के कारण इतने पुराने मार्ग की आज ये दुर्दशा हुई है।उन्होंने चक्की मोड़ (परवाणू) का निरीक्षण करने के बाद कहा कि इस निर्माण में पैसा कमाने के चक्कर में पहाड़ों की कटिंग बिना किसी वैज्ञानिक सलाह के कर दी गई।ठेकेदारों ने पहाड़ों से पत्थर निकालने के चक्कर में कटिंग करने का मूल्यांकन नहीं किया और डंगे लगाने से लेकर बजरी का खर्चा भी बचाने के चक्कर में पहाडिय़ों का सीना छलनी कर दिया।इससे एनएच बार-बार बंद हो रहा है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पत्थर निकाल कर बाहरी राज्यों या दूसरी जगहों में भी भेजे गए।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में वह उद्योग मंत्री थे तब भी उन्होंने फोरलेन निर्माण कार्य में जुटी कंपनी द्वारा बरती जा रही लापरवाही को लेकर सवाल उठाए थे,तब भी कंपनी ने नहीं सुनी,लेकिन आज इसका खामियाजा सबके सामने देखने को मिल रहा है।उन्होंने शनिवार को खुद मौके का निरीक्षण किया है,उन्होंने कहा कि शिमला-चंडीगढ़ मार्ग प्रदेश की लाइफलाइन है और अब तक इस मार्ग पर ऐसी कोई स्थिति नहीं आई थी।ठेकेदारों के फायदे और लालच का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि हिमाचल में हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार से भी बात की गई है। बारिश से जलशक्ति विभाग को 1650 करोड़ और एचआरटीसी को हर रोज 30 से 35 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात में फोरलेन पर ट्रैफिक इसी ढंग से ही चलेगा।विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 30 से 40 दिन इस सडक़ को पूरी तरह मरम्मत करने में लग जाएंगे।
