
Shimla/karsog ज़िला मंडी के उपमंडल करसोग में आयोजित किया जा रहा 7 एचपी एनसीसी शिमला का वार्षिक ट्रेनिंग कैम्प-138 में आर्मी की बेसिक ट्रेनिंग से लेकर हथियार प्रशिक्षण,ड्रिल,युद्ध कला,रण क्षेत्र कला,आपदा प्रबंधन,खेलकूद प्रतियोगिता,राष्ट्र-भक्ति,एकता और समाज सेवा के गुणों को कमांडिंग ऑफिसर कर्नल डी.आर.गार्गी के नेतृत्व में निखार रहे हैं ताकि भारत के बेहतर नागरिक बन देश की हर क्षेत्र में तन-मन से रक्षा और सेवा करें।

एनसीसी ट्रेनिंग कैम्प के आठवें दिन वॉलीबॉल और बास्केटबॉल खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई,इसमें विभिन्न कॉलजों और स्कूलों के विद्यार्थियों व एनसीसी कैडेट्स की टीमों ने भाग लिया।एनसीसी कैडेट्स व विद्यार्थियों ने खेल-खेल में मैनेजमेंट के फंडे व लाइफ- लर्निंग हासिल की।इन खेलों की मेजबानी कमांडिंग ऑफिसर व कैम्प कमान्डेंट कर्नल डी.आर.गार्गी ने की जबकि एएनो कैप्टन सतीश चंदर शर्मा ने बास्केटबॉल खेल प्रतियोगिता और वॉलीबॉल खेल के रैफरी के रूप में संचालन किया।कर्नल डी.आर.गार्गी ने खेलों के माध्यम से सीखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे में चाहे कितना भी टैलेंट क्यूं न हो,जब तक वे मैनेजमेंट और टीम को साथ लेकर चलने की कला नहीं सिखेंगे वे जीवन के पथ पर कामयाब नहीं हो पाएंगे।

ऐसे में अपनी स्किल्स के साथ-साथ टीम मैनेजमेंट को साथ लेकर ही आगे बढ़ने की कला हर किसी को सीखनी चाहिए।विद्यार्थियों की तरफ से खेल प्रतियोगिता के आयोजन में भागीदारी के लिए कमांडिंग ऑफिसर कर्नल डी.आर.गार्गी ने सराहा।कर्नल गार्गी ने कहा कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयासों के जरिये ही विद्यार्थियों को कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है,जो केवल उनके लिए ही नहीं भविष्य में आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए भी समझ पैदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि खेलकूद से जुड़ा व्यक्ति कभी व्यसनों की ओर आकर्षित नहीं होता बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ और जवान रहता है बल्कि अनुशासन में भी रहता है।गार्गी ने कहा कि बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक करना चाहिए ताकि वे धैर्यवान,वलवान,अनुशासित नागरिक बनें।इस दौरान एनसीसी कैडेट्स व विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

