ऊपरी शिमला में स्क्रब टायफस का बढ़ता प्रकोप चिंताजनक हैं। यह बात कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता व जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने प्रेस में ज़ारी एक ब्यान में कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि स्क्रब टायफस के अधिकतर मामलें मानसून के दौरान ग्रामीण पहाड़ी इलाक़ो में देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में कोटखाई तहसील की थरोला पंचायत में एक महिला का स्क्रब टायफस के चलते दुःखद निधन हो गया हैं और एक अन्य उपचाराधीन हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि स्क्रब टायफस बरसात में एक कीट जो घास में रहता हैं उसके काटने से होता हैं। स्क्रब टायफस के शुरुआती लक्षणों में शरीर के अंगों में दर्द, सिर दर्द होना, तेज़ बुखार आना, हाथ पैरों में तेज दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द महसूस होना,उल्टी होना और पेट की समस्या होती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाक़ो में स्क्रब टायफस के बारें में जानकारी के अभाव में समय पर इलाज न होने से हर वर्ष सैंकड़ो जानें काल का ग्रास बनती जा रही हैं। रोहित ठाकुर कहा कि स्क्रब टायफस पर काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार को मानसून के आगमन से पहले ही ग्रामीण इलाक़ो में विशेष जागरूकता अभियान चलाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्क्रब टायफस के लक्षण व बचाव की जानकारी होने पर सैंकड़ो जानें बचाई जा सकती हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ़ के अधिकतर पद रिक्त होने से स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ़ की कमी के चलते ग्रामीण इलाक़ो में प्राथमिक उपचार नही मिल पाता और जानकारी के अभाव के चलते ग्रामीण गम्भीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। रोहित ठाकुर ने जनता से स्क्रब टायफस से बचने के लिए घास काटते समय सतर्कता बरतने की अपील की हैं। उन्होंने सरकार से ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पड़े पदों को भरने, स्क्रब टायफस व इसके बचाव बारें स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनता को जागरूक करने के लिए ग्रामीण इलाकों में कैम्प लगाने की मांग की हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *