PM श्री राजकीय मॉडल स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा ने एकता दिवस कार्यक्रम में लिया हिस्सा,राज्य स्तर पर चयनित प्रोजेक्ट ने दिलाया राष्ट्रीय मंच पर स्थान।

पंकज शर्मा:हुनर किसी बड़े शहर या खास पहचान का मोहताज नहीं होता।अगर हौसले बुलंद हों और मेहनत को सही दिशा मिले तो गांव की बेटियां भी देश के सबसे बड़े मंचों तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।ऐसा ही गौरवपूर्ण मुकाम जिला कांगड़ा के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के गंगथ की बेटी कृतिका ने हासिल किया है।पीएम श्री राजकीय मॉडल स्कूल गंगथ की सातवीं कक्षा की इस होनहार छात्रा ने दिल्ली स्थित संसद भवन में आयोजित एकता दिवस कार्यक्रम में भाग लेकर न केवल अपने विद्यालय,बल्कि पूरे क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश का मान बढ़ाया है।कृतिका की इस उपलब्धि का सफर उसके प्रोजेक्ट के राज्य स्तर पर चयन से शुरू हुआ।राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने के बाद उसे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एकता दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए संसद भवन दिल्ली पहुंचने का अवसर मिला।विद्यालय की शिक्षिका नीतू सिंह के मार्गदर्शन में कृतिका ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया।ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाली सातवीं कक्षा की छात्रा का संसद भवन जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना अपने आप में विशेष उपलब्धि है।कृतिका की सफलता ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा संसाधनों या स्थान की सीमाओं में बंधी नहीं होती,बल्कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वह नई ऊंचाइयों को छू सकती है।

विद्यालय परिवार ने कृतिका की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया। शिक्षिका नीतू सिंह ने कहा कि कृतिका मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रा है।उसके प्रोजेक्ट का राज्य स्तर पर चयन होना खुशी की बात थी और संसद भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में उसे भाग लेते देखना उनके लिए भी यादगार अनुभव रहा।वहीं,कृतिका ने कहा कि संसद भवन पहुंचकर एकता दिवस कार्यक्रम का हिस्सा बनना उसके जीवन का बेहद खास अनुभव रहा।प्रोजेक्ट का राज्य स्तर पर चयन होने और राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलने से उसका आत्मविश्वास बढ़ा है।उसने इस उपलब्धि के लिए प्रधानाचार्य,शिक्षिका नीतू सिंह और विद्यालय के सभी अध्यापकों का आभार जताया।गंगथ की इस बेटी की सफलता ने क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए भी नई प्रेरणा जगाई है।कृतिका ने साबित कर दिया कि छोटे से गांव और सरकारी विद्यालय से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है।

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