किन्नौर के कल्पा में आयोजित प्रिंसिपल्स एवं टीचर्स कॉन्क्लेव में 50 से अधिक स्कूल प्रिंसिपल्स और वरिष्ठ शिक्षाविदों ने लिया हिस्सा।

कल्पा,किन्नौर,हिमाचल प्रदेश:CGC यूनिवर्सिटी,मोहाली(पूर्व में CGC झांजेरी)ने शैक्षणिक सत्र 2027–28 के लिए अपने प्रतिष्ठित ₹100 करोड़ के CGCUET छात्रवृत्ति कार्यक्रम का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर स्थित कल्पा के होटल किन्नर विला में किया।इस पहल का उद्देश्य स्नातक,स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में अध्ययन करने के इच्छुक मेधावी एवं योग्य विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।इस कार्यक्रम का नेतृत्व CGC यूनिवर्सिटी के जनरल मैनेजर एडमिशन एवं मार्केटिंग,डॉ.हितेश कलोटा ने किया।इस अवसर पर आयोजित प्रिंसिपल्स एवं टीचर्स कॉन्क्लेव में क्षेत्र के 50 से अधिक स्कूल प्रिंसिपल्स और वरिष्ठ शिक्षाविदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।इस गरिमामयी अवसर पर रविंदर सिंह ठाकुर,अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पूह, किन्नौर,हिमाचल प्रदेश तथा कुलदीप सिंह डोगरा,उप निदेशक,उच्च शिक्षा,किन्नौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और महत्व को और बढ़ाया।वर्ष 2012 में स्थापित CGC यूनिवर्सिटी ने निरंतर प्रगति करते हुए उत्तर भारत के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी पहचान बनाई है।पूर्व में CGC झांजेरी के नाम से प्रसिद्ध यह विश्वविद्यालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित,उद्योगोन्मुख शैक्षणिक कार्यक्रमों,अनुसंधान, नवाचार और करियर विकास पर विशेष ध्यान देता है।साथ ही,विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यावसायिक सफलता के लिए विभिन्न अवसर भी उपलब्ध कराता है।₹100 करोड़ का CGCUET छात्रवृत्ति कार्यक्रम विश्वविद्यालय की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि आर्थिक कठिनाइयां किसी भी विद्यार्थी की उच्च शिक्षा प्राप्त करने की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए।इस छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करना और उन्हें अपने शैक्षणिक एवं करियर संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया में निम्नलिखित प्रमुख मानदंडों को ध्यान में रखा जाएगा:शैक्षणिक प्रदर्शन एवं अकादमिक उपलब्धियां।
CGCUET परीक्षा में प्राप्त प्रदर्शन।
नेतृत्व क्षमता एवं स्कूल की विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता।उपलब्धियां,पुरस्कार एवं सम्मान।
जहां लागू हो,वहां संबंधित कार्य अनुभव।
प्रिंसिपल्स एवं टीचर्स कॉन्क्लेव विश्वविद्यालय और शैक्षणिक जगत के बीच सार्थक संवाद एवं विचारों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)उपयुक्त कैंपस एवं करियर-उन्मुख पाठ्यक्रमों का चयन,शिक्षा के क्षेत्र में उभरते रुझान तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों की बदलती अपेक्षाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण चर्चा विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच बढ़ती संवादहीनता तथा इस दूरी को कम करने में शिक्षकों की भूमिका पर केंद्रित रही।डॉ.हितेश कलोटा ने स्कूल प्रिंसिपल्स एवं शिक्षकों को प्रोत्साहित किया कि वे विद्यार्थियों और अभिभावकों को एक साथ शामिल करते हुए काउंसलिंग सत्र आयोजित करें।इससे बेहतर संवाद स्थापित करने,शैक्षणिक निर्णयों को समझदारी से लेने तथा भविष्य में उपलब्ध करियर अवसरों के प्रति स्पष्टता विकसित करने में मदद मिलेगी।सभा को संबोधित करते हुए डॉ.कलोटा ने शिक्षाविदों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि शिक्षा राष्ट्रीय प्रगति की आधारशिला है और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों एवं स्कूलों के बीच सार्थक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।विद्यार्थियों के कल्याण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रमाण उसकी छात्रवृत्ति राशि में हुई उल्लेखनीय वृद्धि है।विश्वविद्यालय ने अपने छात्रवृत्ति कोष को ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ कर दिया है,जो मेधा,शिक्षा की सुलभता और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।इस अवसर पर CGC यूनिवर्सिटी के चांसलर रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा,हमारा मानना है कि उच्च शिक्षा एक विद्यार्थी द्वारा किए जाने वाले सबसे मूल्यवान निवेशों में से एक है।आर्थिक सीमाएं कभी भी विद्यार्थियों के सपनों और आकांक्षाओं के आड़े नहीं आनी चाहिए।इसी सोच के साथ हमने इस वर्ष अपनी छात्रवृत्ति योजना का विस्तार करते हुए इसे ₹100 करोड़ तक पहुंचाया है,ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।इसी क्रम में CGC यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्श धालीवाल ने कहा, शिक्षा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है।इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम के माध्यम से हमारा उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाना और उन्हें भविष्य के नवप्रवर्तकों एवं नेतृत्वकर्ताओं के रूप में विकसित होने के अवसर प्रदान करना है।हिमाचल प्रदेश में ₹100 करोड़ के CGCUET छात्रवृत्ति कार्यक्रम का सफल शुभारंभ CGC यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय शैक्षणिक समुदाय के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।आर्थिक सहायता,शैक्षणिक उत्कृष्टता और स्कूलों के साथ सहयोगात्मक पहलों के माध्यम से विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है।CGC यूनिवर्सिटी,मोहाली के बारे में वर्ष 2012 में स्थापित CGC यूनिवर्सिटी,मोहाली (पूर्व में CGC झांजेरी)उत्तर भारत का एक उच्च शिक्षण संस्थान है,जो स्नातक,स्नातकोत्तर एवं डॉक्टरेट स्तर के विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम प्रदान करता है। तकनीक-आधारित शिक्षण,उद्योगोन्मुख शिक्षा,अनुसंधान, नवाचार और प्लेसमेंट पर विशेष जोर देते हुए विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उभरते व्यावसायिक अवसरों के लिए तैयार करने के साथ-साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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