फोरलेन परियोजना के एक पैच के कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए लगाई शर्त और टोल पास का मामला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।विधानसभा के मानसून सत्र के छठे दिन प्रश्रकाल में उठे सवालों के जबाव में सीएम सुक्खू ने गुरुवार को यह ऐलान किया है।दरअसल प्रश्रकाल में विधायक पूर्ण चंद और भुवनेश्वर गौड़ की ओर से सदन में एनएचएआई से जुड़े सवाल उठाए।इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के 16 किलोमीटर के पैच को लेकर केंद्र ने एक नई शर्त लगा दी है।इसके तहत केंद्र ने भंगवार से नादौन-घुमारवीं तक के टू-लेन पैच को फोरलेन बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण का पैसा राज्य सरकार देगी।उन्होंने कहा कि अगर भूमि अधिग्रहण का पैसा राज्य सरकार को ही देना पड़े,तो इससे अच्छा है कि फोरलेन बनाकर खुद ही टोल लगा दें।उन्होंने कहा कि जब फोरलेन का निर्माण और टोल वसूली एनएचएआई करता है,तो भूमि अधिग्रहण की लागत भी उन्हें ही वहन करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि जहां तक मुआवजे का सवाल है,अगर केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण का खर्च करेगी,तो हमें चार गुणा देने में भी कोई दिक्कत नहीं है।

सदन में विधायक भुवनेश्वर गौड़ के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल के 500 मीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को टोल पास मिनिमम रेट पर जारी किए जाएं,इस मामले को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाया जाएगा।इससे पहले विधायक ने सदन में कहा कि एनएचएआई जहां सडक़ बनाती है,वहां टोल लगा देती है। उन्होंने अपने क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि टोल के कारण गांव के लोगों को 500 मीटर जाने पर भी टोल देना पड़ रहा है।विधायक चंद्रशेखर के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कीरतपुर-फोरलेन पर स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर तय की है।उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को निर्देश जारी कर सर्वे करवाया जाएगा और स्पीड लिमिट को 70 से 75 किलोमीटर करवाई जाएगी।उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को भी ध्यान में रखकर फोरलेन पर मैक्सिमम स्पीड 70 से ऊपर हो।

एनएचएआई के समक्ष उठाया जाएगा मामला:विधायक पूर्ण चंद ठाकुर के सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि संबंधित मामले को एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नुकसान संबंधी मामले को लेकर सीएम सुक्खू और लोक निर्माण विभाग द्वारा एनएचएआई के साथ संबंधित उपायुक्तों के साथ बैठक करवाई जाती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *