सुक्खू सरकार ने बिजली सब्सिडी खत्म कर किराएदारों,मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर डाला आर्थिक बोझ:भाजपा।

भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार लगातार जनविरोधी निर्णय लेकर हिमाचल प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ डालने का कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि बिजली बिलों में लगातार बढ़ोतरी कर प्रदेश की आम जनता को झटके दिए जा रहे हैं,और भारतीय जनता पार्टी लगातार सड़कों से लेकर विधानसभा तक इसका विरोध करती रही है।कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने से पहले 10 गारंटियों के साथ प्रदेश की जनता के बीच गई थी और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था।जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का कार्य कर रही थी।आज कांग्रेस की वह गारंटी पूरी तरह गायब हो चुकी है और लोगों को मुफ्त बिजली तो दूर,भारी-भरकम बिजली बिल भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सितंबर 2023 में बड़े उद्योगों पर बिजली ड्यूटी 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दी और जनवरी 2024 में इसे और बढ़ाकर 37.5 प्रतिशत तक पहुंचा दिया।इसके बाद वर्ष 2026 में व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर ₹1 प्रति यूनिट अतिरिक्त बिजली सेस लगाया गया,जिससे होटल,मॉल,निजी अस्पताल,पेट्रोल पंप,कोचिंग सेंटर और अन्य व्यापारिक संस्थानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।कर्ण नंदा ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के नाम पर केवल जनता की जेब काटने का कार्य कर रही है।पहले 0 से 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलती थी,लेकिन अब उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 5.44 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है और न्यूनतम बिजली बिल ₹750 तक पहुंच चुका है।इसी प्रकार 126 से 300 यूनिट तक बिजली दरें 5.89 रुपये प्रति यूनिट हो गई हैं,जिससे आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल हजारों रुपये तक पहुंच रहे हैं।उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित किराएदार,विद्यार्थी,मजदूर,नौकरीपेशा और आउटसोर्स कर्मचारियों का वर्ग हुआ है।कांग्रेस सरकार ने दो मीटर से अधिक वाले घरों की सब्सिडी बंद कर गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा आर्थिक हमला किया है।उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग किराए के कमरों और पीजी में रहकर जीवनयापन कर रहे हैं,उन्हें भी अब बिना सब्सिडी के भारी बिजली बिल भरने पड़ रहे हैं।भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार से मिले विकासात्मक फंड का भी दुरुपयोग कर रही है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी गई है,लेकिन राज्य सरकार उस धन का उपयोग विकास के बजाय अपनी विफल गारंटियों को पूरा करने के लिए कर रही है।कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे महंगा प्रदेश बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।भाजपा जनता के हितों की रक्षा के लिए इस जनविरोधी नीति का लगातार विरोध करती रहेगी और सरकार से मांग करती है कि बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी और सब्सिडी समाप्त करने के फैसलों को तुरंत वापस लिया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *