लोक सभा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि सरकार महिलाओं को ₹1500 देने की बात कर रही है,लेकिन तीन साल में एक भी वादा पूरा नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने की बजाय सरकार उन्हें केवल ट्रेनिंग और भत्ते के नाम पर बहला रही है।यह बजट उम्मीद नहीं,निराशा और धोखे का प्रतीक है”

कटौती का बजट,कर्ज का बोझ/कांग्रेस ने हिमाचल को आर्थिक संकट में धकेला”:हर्ष महाजन:राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि ₹54,928 करोड़ का बजट पिछले वर्ष के ₹58,514 करोड़ से कम है,जो स्पष्ट रूप से बताता है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था सिकुड़ रही है।उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी वित्तीय विफलता स्वीकार करते हुए कर्मचारियों का वेतन तक स्थगित करना पड़ा।उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार वेतन रोक रही है,दूसरी तरफ अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए छोटे-छोटे मानदेय बढ़ाकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है।यह बजट विकास का नहीं,वित्तीय दिवालियापन का दस्तावेज है।

गारंटियों का झूठ फिर दोहराया,बजट में केवल घोषणाएं,जमीन पर शून्य”:डॉ.सिकंदर कुमार:राज्य सभा सांसद डॉ.सिकंदर कुमार ने कहा कि सरकार ने फिर 100% गारंटी पूरी करने का दावा किया है,जबकि 3 साल में एक भी प्रमुख गारंटी पूरी नहीं हुई।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन का 3% से लेकर 50% तक स्थगन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की आर्थिक हालत बेहद खराब हो चुकी है।जब सरकार खुद वेतन नहीं दे पा रही,तो विकास क्या करेगी?

किसान,जवान और गरीब,सभी को धोखा देने वाला बजट”:सुरेश कश्यप:एमएसपी और योजनाएं सिर्फ कागजों में,जमीनी राहत नदारद”:लोक सभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि सरकार ने दूध और फसलों के एमएसपी बढ़ाने की घोषणा की है,लेकिन किसानों को वास्तविक भुगतान और मार्केट सपोर्ट नहीं मिल रहा।उन्होंने कहा कि 1 लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा भी सिर्फ चुनावी स्टंट है।घोषणाओं की खेती,लेकिन किसानों के खेत सूखे पड़े हैं।

कर्ज,कटौती और कर,यही है कांग्रेस का बजट मॉडल”:अनुराग ठाकुर:विकास शून्य,प्रचार अधिक,जनता को भ्रमित करने की कोशिश:लोक सभा सांसदअनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है और अब वेतन स्थगन जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि बजट में कोई ठोस आर्थिक रोडमैप नहीं है और केवल घोषणाओं के जरिए जनता को गुमराह किया जा रहा है।यह बजट नहीं,कांग्रेस का मैनेजमेंट ऑफ फेल्योर’ है

₹54,928 करोड़ का बजट,लेकिन प्राथमिकताएं पूरी तरह गायब”:डॉ राजीव भारद्वाज,वेतन स्थगन और योजनाओं की भरमार ,नीति नहीं, केवल दिखावा:लोक सभा सांसद डॉ.राजीव भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन के नाम पर वेतन रोक दिया,लेकिन खर्च की प्राथमिकताओं पर कोई स्पष्टता नहीं है।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन रोकना सरकार की असफल आर्थिक नीति का सबसे बड़ा उदाहरण है।जनता से बलिदान मांगने वाली सरकार खुद जवाबदेही से भाग रही है”

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