हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत गहमागहमी के साथ हुई।सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सेवा विस्तार पाने वाले उन अधिकारियों का मुद्दा उठाया,जिनकी छवि संदिग्ध रही है।ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने सदन में भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से रखा।उन्होंने आरोप लगाया कि ऊना में रिश्वत कांड में संलिप्त एक अधिकारी को सरकार ने सेवा विस्तार दिया है,जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़ा रुख अपनाया।उन्होंने सदन में स्पष्ट घोषणा की कि जिन भी अधिकारियों का नाम ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा की सूची में दर्ज है और वे वर्तमान में सेवा विस्तार पर हैं,उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *