
हिमाचल की राजनीति में कांगड़ा जिले के प्रभाव को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।कांग्रेस हाईकमान ने राज्यसभा की खाली हो रही सीट के लिए कांगड़ा जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा के नाम पर मुहर लगा दी है।यह फैसला न केवल सांगठनिक निष्ठा का सम्मान माना जा रहा है,बल्कि आगामी चुनावों से पहले क्षेत्रीय संतुलन साधने की एक सोची-समझी रणनीति भी है।नामांकन प्रक्रिया महज एक कागजी औपचारिकता नहीं,बल्कि कांग्रेस की एकजुटता का प्रदर्शन होगी।पर्चा भरने से ठीक पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की एक विशेष बैठक बुलाई है।इस बैठक में न केवल चुनाव जीतने की रणनीति बनेगी,बल्कि वर्तमान राजनीतिक चुनौतियों और सरकार की स्थिरता को लेकर भी चर्चा होने के आसार हैं।बैठक के फौरन बाद मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अनुराग शर्मा अपना आधिकारिक पर्चा दाखिल करेंगे।

अनुराग शर्मा वर्तमान में कांगड़ा जिला कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं,हाईकमान के इस फैसले ने कांगड़ा के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है,क्योंकि इसे सीधे तौर पर संगठन के प्रति वफादारी का इनाम देखा जा रहा है।संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करना किसी भी नेता के लिए गौरव की बात होती है।इस सीट पर जीत का मतलब है,केंद्र में प्रदेश की आवाज को मजबूती देना।
