केंद्र सरकार के बजट सुधार से राष्ट्र निर्माण की ओर तेज गति से कदम बढ़ रहे हैं,2004 से 2014 के मध्य कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था पर घोटालों की मार थी,2जी घोटाला,कोयला घोटाला,हेलिकॉप्टर घोटाला आदि से अर्थव्यवस्था का बंटाधार होता गया।भ्रष्टाचार भारत को दीमक की तरह खा रहा था और केंद्र द्वारा विकास के लिए प्रदेशों को भेजे गए पैसों का 85 प्रतिशत भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था,ऐसा कथन पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी जी का था।ये शब्द भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहे।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में सुधार का क्रम शुरू हुआ।सब ओर से भ्रष्टाचार पर नकेल कसी गई,टैक्स चोरी पर बड़ी भारी ब्रेक लगाई गई और केंद्र से प्रदेशों को व विकास कार्यों का डिजिटल ट्रांजेक्शन शुरू किया।इससे केंद्र सरकार से चला एक रुपया विकास कार्य तक एक रुपए ही पहुंचा।टैक्स एक्सम्पशन लिमिट दो लाख रुपए से बढ़ाते हुए उसे 12 लाख 75 हजार रूपए तक पहुंचा दिया और करोड़ों करदाताओं को सीधा लाभ दिया।इस हेतु जन-धन योजना शुरू कर 55 करोड़ खाते खुलवाए गए।ज्ञात रहे कि इन खातों में 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपए मौजूद हैं।इसमें से साढ़े पंद्रह लाख खाते हिमाचल प्रदेश में हैं,12 करोड़ किसानों के खाते में 6000 रुपए प्रति वर्ष डिजिटली आते हैं।

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