
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय,नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया के तहत आयोजित नामांकन कार्यक्रम में हिमाचल भाजपा ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराकर पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र और मजबूत सांगठनिक ढांचे को एक बार फिर विश्व के सामने प्रमाणित किया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर,सांसद अनुराग ठाकुर,सह-प्रभारी संजय टंडन,सांसद सुरेश कश्यप,इंदु गोस्वामी,डा.सिकंदर कुमार,पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर,विधायक पवन कुमार काजल,बिहारी लाल शर्मा,रशीम धर सूद,प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल,पायल वैद्य,वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर,महिला मोर्चा अध्यक्षा डेज़ी ठाकुर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंदेल सहित प्रदेश के कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे।दिल्ली में प्रदेश के नेताओं की इस उपस्थिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश संगठन राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ चट्टान की तरह खड़ा है और यही एकजुटता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की आधारशिला बनेगी।

राष्ट्रीय स्तर के इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम के संपन्न होने के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कांगड़ा जिला के तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगे।यहां वह 21 जनवरी को गगल एयरपोर्ट पहुंचने के पश्चात नगरोटा बगवां और धर्मशाला में मंडल बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। वहीं,22 जनवरी को वह हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 16वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के साथ धर्मशाला शहरी मंडल की बैठक लेंगे। अपने दौरे के अंतिम दिन 23 जनवरी को वह कांगड़ा में जयंती मंडल और बज्रेश्वरी मंडल की बैठकों में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।

मनोहर लाल खट्टर से मिले नेता प्रतिपक्ष:पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा,शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल खट्टर के आधिकारिक आवास पर उनसे शिष्टाचार भेंट की।इस मुलाकात के दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न समसामयिक और महत्त्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई।जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के हितों से संबंधित प्रमुख मामलों को केंद्रीय मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा और प्रदेश की प्रगति के लिए केंद्र से निरंतर सहयोग का आग्रह किया। यह बैठक राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं को गति देने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण रही।
