शिक्षा मंत्री ने जुब्बल में विभिन्न कार्यक्रमों में की शिरकत।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर अपने गृह क्षेत्र जुब्बल में रहे,जहाँ उन्होंने श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों में भाग लिया।उन्होंने सर्वप्रथम जुब्बल के ऐतिहासिक खेल स्टेडियम में आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन में हिस्सा लिया तथा स्कूलों,महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों की टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।नशा-मुक्त हिमाचल अभियान के अंतर्गत जुब्बल प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 1200 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।रैली का उद्देश्य समाज में चिट्टे जैसे घातक नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवा पीढ़ी का नशे की गिरफ्त में आना गंभीर चिंता का विषय है और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा-मुक्ति का संकल्प भी दिलाया।

प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जुब्बल के कार्यालय भवन का लोकार्पण:शिक्षा मंत्री ने खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी,जुब्बल के नवीनीकृत कार्यालय भवन का लोकार्पण किया।इस भवन के निर्माण पर 27 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।उन्होंने कहा कि नवीन भवन से विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर कार्य सुविधा प्राप्त होगी,जिससे शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

“उड़ान महासंगम-2” कार्यक्रम में की शिरकत:शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय,सरस्वती नगर में एनएसयूआई की महाविद्यालय इकाई द्वारा आयोजित “उड़ान महासंगम-2” कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।कार्यक्रम में प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अपने संबोधन में उन्होंने एनएसयूआई को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह महाविद्यालय पूरे विधानसभा क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है,जहाँ जुब्बल और रोहड़ू क्षेत्र के विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं।उन्होंने बताया कि इस महाविद्यालय ने न केवल शैक्षणिक,बल्कि अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट पहचान बनाई है।यहाँ से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर प्रदेश और देश की सेवा की है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है।पिछले तीन वर्षों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद भरे गए हैं,जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और केंद्र सरकार द्वारा कराए गए सर्वेक्षणों में हिमाचल प्रदेश को अग्रणी स्थान प्राप्त हुआ है।उन्होंने बताया कि सरस्वती नगर महाविद्यालय में बीपीएड पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है तथा औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद शीघ्र ही कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।इससे जुब्बल ही नहीं,बल्कि पूरे शिमला जिला के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।साथ ही उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में बीबीए ब्लॉक और इंडोर स्टेडियम के निर्माण हेतु टेंडर शीघ्र आमंत्रित किए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री ने 35 लाख रुपये की लागत से नवीनीकृत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,सरस्वती नगर के भवन का निरीक्षण किया।इसके साथ एक करोड़ रुपये से निर्माणाधीन महाविद्यालय मैदान के समतलीकरण कार्य का भी जायज़ा लिया।इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा,पूर्व जिला परिषद सदस्य मोतीलाल सिथ्टा,युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक काल्टा,युवा कांग्रेस अध्यक्ष कोटखाई अतुल चौहान,जिला एनएसयूआई अध्यक्ष नितिन देष्टा,एनएसयूआई सावड़ा अध्यक्ष सारंग शर्मा,एनएसयूआई सावड़ा (कन्या)अध्यक्ष ऋतिक शर्मा,महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ.पूनम मेहता,उपमंडलाधिकारी जुब्बल,विभिन्न विभागों के अधिशासी अभियंता,पंचायती राज प्रतिनिधि,कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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