
मनरेगा में बदलाव पर अखिल भारतीय किसान कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ संसद से सडक़ तक जंग लड़ेगी।योजना का मूल स्वरूप जब तक वापस नहीं लाया जाता,तब तक केंद्र सरकार के खिलाफ यह आंदोलन जारी रहेगा।सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खेड़ा ने यह ऐलान किया है।उन्होंने कहा है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटा कर इसके मूल स्वरूप को कमजोर कर दिया गया है।कांग्रेस इसके खिलाफ संसद से सडक़ तक लड़़ाई लड़़ेगी।उन्होंने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति कर देश के लोकतंत्र का मज़ाक उड़ा रही है।कुछ खास लोगों के करोड़ों के ऋण माफ हो जाते हैं,जबकि किसानों व आम आदमी के हजारों रुपए के ऋण भी माफ नहीं होते।

श्री खेड़ा ने कहा कि मनरेगा का नाम बदल कर इस नए कानून को इतना कमजोर कर दिया गया है कि 60-40 का अनुपात राज्य पूरा ही नहीं कर पाएंगे।कांग्रेस जब तक इसके मूल स्वरूप को वापस नहीं लाएगी,तब तक इसके खिलाफ आंदोलन जारी रेहगा।खेड़ा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी,राहुल गांधी पर अदालत द्वारा उनके खिलाफ बनाए मामलों को सुनने से इनकार कर दिया है उससे साफ है कि उनके नेताओं पर आरोप झूठे है।
