Himachal हाईकोर्ट ने रेरा (रियल एस्टेट रैगुलेटरी अथॉरिटी) कार्यालय को धर्मशाला शिफ्ट करने पर रोक लगा दी है।मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा ने जनहित याचिका में अंतरिम राहत को लेकर दायर आवेदन की सुनवाई के पश्चात यह आदेश जारी किए।प्रार्थी ने आवेदन में कहा कि सरकार केवल नीति निर्धारक होने के नाते इस कार्यालय को धर्मशाला शिफ्ट करने पर तुली हुई है जबकि सरकार के पास एक भी ऐसा तर्कसंगत कारण नहीं है जिस कारण यह कार्यालय धर्मशाला शिफ्ट किया जाए।प्रार्थी का कहना है कि यदि रेरा कार्यालय को धर्मशाला शिफ्ट किया जाता है तो अधिकांश भर्तियां नए सिरे से करनी पड़ेंगी और नए कर्मी रेरा कार्यालय के कार्यों में पारंगत न होने के कारण अथॉरिटी के मकसद को पूरा नहीं कर पाएंगे।

कोर्ट को बताया गया कि रेरा कार्यालय में अधिकतर कर्मी आऊटसोर्स पर कार्यरत हैं,उन्हें कार्यालय शिफ्ट होने पर विस्थापित होना पड़ेगा।सरकार की ओर से बताया गया कि अंतरिम राहत से जुड़े आवेदन का जवाब तैयार है इसलिए जवाब रिकॉर्ड पर आने पर आवेदन पर फैसला लिया जाए।कोर्ट को बताया गया कि सरकार शिमला में भीड़ को कम करने के मकसद और धर्मशाला को अधिक विकसित करने की मंशा से कुछ कार्यालय धर्मशाला शिफ्ट करने जा रही है और इनमें रेरा कार्यालय भी शामिल है।

कोर्ट ने सरकार की दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि रेरा के 20-25 कर्मियों को शिफ्ट करने से शिमला को भीड़ मुक्त करने की कोशिश अदालत की समझ से परे है।कोर्ट ने मामले की सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित करते हुए रेरा कार्यालय को धर्मशाला शिफ्ट करने पर रोक लगा दी।कोर्ट ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को दिए सेवा विस्तार से जुड़े मामले पर भी सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित करने के आदेश जारी किए।

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