मुख्यमंत्री से आग्रह – अस्थाई व्यापारिक गतिविधियां शहर की परिधि में ना हो

शिमला। शिमला व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक हरीश जनार्था की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला तथा प्रशासन द्वारा शहर के प्रमुख स्थानों जैसे कि पदम देव कंपलेक्स, क्राइस्ट चर्च रिज परिसर, लिफ्ट पार्किंग कंपलेक्स तथा शिमला शहर के ऐतिहासिक माल रोड इत्यादि कई स्थानों पर कारोबार के लिए अस्थाई स्टालों का आवंटन बाहरी राज्यों के लोगों को किए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

शिमला व्यापार मंडल के प्रधान हरजीत‌ कुमार मंगा की अगुवाई में‌ प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने गया‌ था। उनके साथ शिमला व्यापार मंडल के महासचिव नितिन सोहल, कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल सहित शहर के कई अन्य व्यापारी भी थे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि शहर में लगे इन स्टालों में निम्न स्तर का माल बाहरी राज्यों से लाकर महंगे दामों पर बेचा जाना कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है। दूसरी ओर रिज पर भारत की महान हस्तियों की प्रतिमाओं के नीचे जिस प्रकार इन लोगों द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है यह इन विभूतियों के अपमान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि शिमला व्यापार मंडल इसका कड़ा विरोध करता है।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पूरे साल शिमला शहर के व्यापारी वर्ग को पर्यटक सीजन, चाहे वह गर्मियों का हो या सर्दियों का हो, बेसब्री से इंतजार रहता है क्योंकि यही वह दौर है जब रोजमर्रा के कारोबार के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त आमदनी भी हो जाती है, परंतु इस तरह बाहरी लोगों को अस्थाई स्टाल व्यापारिक गतिविधियों के लिए आवंटित किए जाने पर शिमला शहर के व्यापारी वर्ग में खासा रोष है। ऐसे में इस प्रकार बाहरी लोगों को शहर के प्रमुख पर्यटक स्थानों में व्यापारिक गतिविधियों के लिए स्टॉल आवंटित करना शहर के व्यापारी वर्ग के साथ कुठाराघात है। 

शिमला व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से यह अनुरोध किया कि इस प्रकार की अस्थाई व्यापारिक गतिविधियां शहर की परिधि में ना हो। हर वर्ष पर्यटक सीजन के दौरान इस प्रकार बाहरी लोगों को शहर के प्रमुख स्थानों में व्यापारिक गतिविधियों के लिए जगह प्रदान करना शिमला शहर के व्यापारी वर्ग के हित में कतई नहीं है। इस अस्थाई आवंटन को लेकर मुख्यमंत्री ने तुरंत संबंधित अधिकारियों से बात कर उन्हें निर्देश दिए कि इस प्रकार के अस्थाई व्यापारिक गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने व्यापार मंडल को यह आश्वासन दिया कि इन अस्थाई स्टालों का आवंटन तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाएगा तथा भविष्य में इस प्रकार बाहरी राज्य के लोगों को व्यापारिक गतिविधियों के लिए अस्थाई स्टॉल आवंटित नहीं किए जाएंगे तथा वह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानीय व्यापारियों की अनदेखी न हो। 

इस मीटिंग में मुख्यमंत्री से शहर की विभिन्न थोक मंडियों तथा ट्रांसपोर्ट के लिए शहर से बाहर उचित स्थान पर स्थानान्तरित करने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि वह पहले ही 20 करोड़ रुपए नई सब्जी मंडी के लिए आवंटित कर चुके हैं तथा अन्य मंडियों के लिए भी एक कमेटी का गठन कर उचित स्थान पर उन्हें स्थानांतरित करने की व्यवस्था करेंगे।

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