
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यहां हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम (एचपीकेवीएन) की 16वीं निदेशक मंडल बैठक की अध्यक्षता की।बैठक में उन्होंने युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर सृजित करने के लिए कौशल विकास के महत्त्व पर बल दिया।उन्होंने निगम को बाजारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता और रोजगार योग्यता बढ़ाना सभी योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।मुख्यमंत्री नेे सोलन जिले के वाकनाघाट में उत्कृष्टता केंद्र तथा काजा और उदयपुर में मॉडल कैरियर केंद्रों के अलावा नालागढ़ में ग्रामीण आजीविका केंद्र के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि निगम को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए,ताकि युवाओं को अधिकतम लाभ सुनिश्चित हो सकें।बोर्ड ने आरएलसी सराज,मॉडल कैरियर केंद्रों मंडी और बद्दी के लिए अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए व्यय को भी मंजूरी दी।श्री सुक्खू ने कहा कि 1 जनवरी,2023 से अब तक हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं से 45,455 युवाओं को पंजीकृत किया गया है।इनमें से 39,794 युवाआंे को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र दिए जा चुके हैं तथा 8,586 प्रशिक्षुओं को रोज़गार मिल चुका है ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह,तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी,हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के राज्य संयोजक अतुल करोहटा,मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना,प्रधान सचिव देवेश कुमार,सचिव आशीष सिंहमार एवं संदीप कदम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
