रेगुलेटरी कमीशन सदस्य ललित कुमार ने फूड फेस्ट में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर प्रतिभागी छात्रों को किया सम्मानित।

एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ हॉस्पिटालिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट की ओर से विभागाध्यक्ष आचार्य चेतन मेहता की अगुवाई में आठवें फूड फेस्ट का आयोजन किया गया।इस मौके पर हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान रेगुलेटरी कमीशन के सदस्य ललित कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.एस. चौहान ने मुख्य अतिथि ललित कुमार को हिमाचली टोपी,शॉल,चंबयाली परिधान व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

इस मौके पर एपीजी विश्वविद्यालय में हॉस्पिटालिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने हिमाचल प्रदेश के चंबा जनपद के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए और इसके बाद छात्रों ने इन पारंपरिक व्यंजनों को विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों,अतिथियों और छात्रों को परोसा।इन स्वादिष्ट व्यंजनों का सभी ने खूब लुत्फ उठाया,इस अवसर पर छात्रों द्वारा चंबा जनपद के पारंपरिक व्यंजन बुर की कढ़ी,इमली का खट्टा,राजमाह का मदरा,राइस,माह की दाल,मक्की के लड्डू,चंबा लस्सी चिकन,मीठे चावल,चंबा बाबरु,चंबा चुख,बुरांश के फूलों का जूस तैयार किया,इसके बाद हॉस्पिटालिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट विभाग के छात्रों द्वारा स्टॉल के माध्यम से भी इन पारंपरिक व्यंजनों को फूड फेस्ट में पहुंचे लोगों को परोसा गया।फूड फेस्ट के दौरान एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों ने चम्बयाली व हिमाचली संस्कृति और इतिहास को गीत,नाटक और नृत्य के माध्यम से बखूबी पेश किया।

एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.एस.फूड ने छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह फूड फेस्ट चंबा की संस्कृति,संस्कार और इतिहास को भी प्रदर्शित करता है।कुलपति चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भोजन को भगवान ब्रह्म कहा गया है।हमारे परंपरागत व्यंजन भारतीय संस्कृति से जुड़े हुए हैं और हिमाचल प्रदेश के विभिन जनपदों के व्यंजनों की अपनी खासियत है,अपना स्वाद,अपनी खुशबू है जो सभी को आकर्षित करते हैं।कुलपति चौहान ने कहा कि अपने परंपरागत व्यंजनों को न भूलें,भले आज के दौर में विश्वव्यापी सोच रखें लेकिन अपनी संस्कृति से जुड़े रहे,कुलपति चौहान ने कहा कि आज भारत सहित विश्व में हिमाचल के परंपरागत व्यंजन पर्यटकों को लुभाते हैं और पर्यटकों को हिमाचल प्रदेश पर्यटन के साथ पारंपरिक व्यंजन भी परोसे जाएं तो इससे स्थानीय लोगों की आर्थिक मजबूत होगी।इस फूड फेस्ट को सार्थक बनाने के लिए प्रायोजकों में एसजेवींएन,लक्ष्मणजीत स्वीट्स कंडाघाट सोलन की ओर से दिनेश ठाकुर,लॉर्ड्स कैफे एंड फास्ट फूड की ओर से भावी सेठ और सिया राम सिद्दू की ओर से जगदीश चौहान का धन्यवाद किया।मुख्य अतिथि ललित कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के हॉस्पिटालिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट विभाग के छात्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रम सराहनीय है।ललित कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन का मकसद छात्रों को उस संस्कृति से अवगत कराना है,जिसके आसपास रहकर वे अपने कैरियर का निर्माण कर सकें।ललित कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान रेगुलेटरी कमीशन का निर्माण शिक्षण संस्थानों में छात्रों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए हुआ है,शिक्षण संस्थानों को इस दिशा में सहयोग के लिए हुआ है और जहां गलत हो रहा हो उसे सही करना इस रेगुलेटरी कमीशन का कार्य है और यूजीसी,हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा के लिए बने नियमों के दिशा निर्देश का पालन करना है।ललित कुमार ने कहा कि कोविड काल के दौरान संकटों के दौर में भी एपीजी शिमला विश्वविद्यालय ने नियमों,रेगुलेटरी कमीशन के दिशा निर्देशों का पालन किया है और अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन मोड से शिक्षा प्रदान की।ललित कुमार ने एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा छात्रों को प्रदान की जा रही गुणात्मक शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से छात्रों को प्रदान की जा रही गुणात्मक शिक्षा की सराहना की।इस अवसर पर मुख्य अतिथि ललित कुमार ने फूड फेस्ट में शामिल प्रतिभागी छात्रों को उनके अव्वल व्यंजन कला निर्माण के लिए प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया और इस कार्यक्रम के प्रायोजकों को भी सम्मानित किया।

ललित कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विभिन्न संस्कृतियों,देवी देवताओं का प्रदेश है,यहां का हराभरा व स्वच्छ वातावरण सबको सकून देने वाला है।ललित कुमार ने कहा कि अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए और अपनी संस्कृति के उत्थान के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए।कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और इतिहास में चंबा जनपद की संस्कृति,कला,गीत,व्यंजन, इतिहास,प्रकृति प्रेम और कथा साहित्य विश्व प्रसिद्ध है।ललित कुमार ने कहा कि छात्र किसी भी विषय की पढ़ाई करें उसमें कड़ी मेहनत कर अपना भविष्य बनाएं और नए नवाचारों पर काम करें।कुलपति प्रो.आर.एस. चौहान ने छात्रों को प्रेरित करते हुए फूड फेस्ट के आयोजन को एक अच्छा प्रयास बताते हुए कहा कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी कैंपस में इस तरह के आयोजन कराता रहेगा।विभागाध्यक्ष आचार्य चेतन मेहता ने विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उन्हें भविष्य में भी अपनी रचनात्मकता और पाक कला को निखारने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि यह फूड फेस्ट विद्यार्थियों,प्रायोजकों और एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के प्रशासन व प्रबंधन विभाग और स्कूल ऑफ हॉस्पिटालिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट विभाग के प्रयास से सफल रहा,जिसने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया।इस फूड फेस्ट के दौरान एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलाधिपति इंजीनियर सुमन विक्रांत,डीन एकेडमिक्स प्रो.डॉ.आनंदमोहन शर्मा,डीन स्टूडेंट वेल्फेयर डॉ.नीलम रत्न शर्मा,डीन इंजीनियर प्रो.डॉ.अंकित ठाकुर,परीक्षा नियंत्रक अफजल खान,साइंस विभागाध्यक्ष डॉ.मनिंदर कौर,लॉ विभागाध्यक्ष डॉ.भावना वर्मा,मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ.मोनिका,कार्यकारी अधिकारी ज्योत्स्ना शर्मा डॉ.देविका राणा,डॉ.विजयश्री उपस्थित रहे।
