
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार के विकास को नया आयाम दिया,जिससे बिहार की पहचान बदल दी।उन्होंने ये शब्द बिहार दिवस के उपलक्ष्य पर नालागढ़ और बद्दी में आयोजित ‘स्नेह मिलन’ कार्यक्रम में प्रवासीयों को संबोधित करते हुए कहे,उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है,यह वही भूमि है जहां महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया,जहां महान सम्राट अशोक का साम्राज्य था और चाणक्य जैसे विद्वान ने राजनीति और कूटनीति की शिक्षा दी।इस दौरान पूर्व विधायक केएल ठाकुर,लखविंद्र राणा,पूर्व विधायक परमजीत पम्मी और गुरमेल चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष व अभिनेता एवं दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी का गर्मजोशी से स्वागत किया।इस दौरान मनोज तिवारी ने अपने गीतों से भी खूब समां बांधा।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एनडीए सरकार में 2024-25 में बिहार को 3.7 लाख करोड़ रुपए का ऐतिहासिक बजट मिला,जो 2005 में आबंटित 23885 करोड़ रुपए से करीब 13 गुना है।जयराम ठाकुर ने कहा कि बिहार में 2005 तक मात्र दो इंजीनियरिंग कॉलेज थे,जबकि एनडीए सरकार के प्रयासों से बिहार के हर जिले में कम से कम एक इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित होने का सपना साकार हो रहा है।साथ ही बिहार में आईआईटी और आईआईएम नितिन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार के साथ पूरे देश के विकास को एक नई गति और दुनिया में भारत को एक नई पहचान मिल रही है।

अभिनेता एवं दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि पूर्वांचल का हिमाचल के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन व परवाणू में प्रवासी लोग भारी तादाद में काम कर रहे हैं।श्री तिवारी ने कहा की देश भर में सभी निर्माण कार्यों में बिहार के लोगों का बहुमूल्य योगदान रहा है।उन्होंने कहा कि हिमाचल ने बिहार के लोगों का रोजगार के साथ साथ भरपूर सम्मान दिया है।भाजपा द्वारा बिहार दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित किए जा रहे ये आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं,बल्कि उन प्रवासी भाई-बहनों की मेहनत को पहचान देने का अवसर हैं,जिन्होंने हिमाचल के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अपने परिश्रम और संस्कारों के लिए जाने जाते हैं और वे केवल अपने परिवार के लिए ही नहीं,बल्कि देश की प्रगति में भी सहयोग कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि आज बिहार निरंतर प्रगति कर रहा है।वहां प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2005 की तुलना में 7914 से बढक़र 2025 में 66,828 रुपए हो गई है।स्टार्टअप इंडिया से 2023 तक बिहार में 2075 स्टार्टअप को मान्यता दी जा चुकी है।उन्होंने बिहार में शिक्षा,स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया और कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों सहित एयरपोर्ट की संख्या भी बढ़ी है।उन्होंने कहा कि बिहार में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं।
