
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवस्था परिविर्तन के ध्येय के साथ आदर्श वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है।उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनुशासन की दिशा मेें कारगर कदम उठाये हैं।उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कार्य या परियोजना के लिए बजट आवंटन के उपरान्त उसे पूर्ण करने के लिए निर्धारित अवधि की अक्षरशःअनुपालना की जाए।उन्होंने कहा कि सरकार, राज्य के संसाधनों का संतुलित उपयोग कर समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।इसी उद्देश्य से वित्त प्रबंधन पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है।

उन्होंने लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के सभी लंबित बिलों का भुगतान करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने ई-वितरण, बजट,व्यय,ट्रेजरी इत्यादि से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना,प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार,सचिव वित्त अभिषेक जैन,मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर,विशेष सचिव वित्त व निदेशक कोष व लेखा रोहित जम्वाल,मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा,अतिरिक्त निदेशक दीपक भारद्वाज और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग,हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड,हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम लिमिटेड और अन्य उपक्रमों की समीक्षा बैठक में उनकी वित्तीय स्थिति,संसाधन व ऋणों से संबंधित विभिन्न विषयों का विस्तृत ब्यौरा लिया और जरूरी दिशा-निर्देश दिये।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह,मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
